9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घंटाघर के हेरिटेज क्षेत्र संरक्षण के लिए किए कई प्रयोग, फिर भी दिनोंदिन बदतर होने लगे हैं हालात

दुकानों में व्यापार करने और उसके साथ 15 फीट तक स्थल तक ही हाथ ठेला लगाने की अनुमति थी।
less than 1 minute read
Google source verification
market in jodhpur

Ghantaghar, ghantaghar jodhpur, clock tower of jodhpur, jodhpur nagar nigam, jodhpur news, jodhpur news in hindi

अविनाश केवलिया/जोधपुर. हेरिटेज धरोहर घंटाघर को संरक्षित करने और इनका स्वरूप निखारने के लिए कई प्रयास किए गए। नगर निगम की ओर से पहले भी घंटाघर को अतिक्रमण मुक्त किया गया, लेकिन निगरानी के अभाव में हालात फिर वही हो गए। घंटाघर और इसके आस-पास के प्राचीन कलात्मक मकान और हेरिटेज स्थल को संरक्षित करने के लिए मांग लम्बे समय से उठ रही है। जेडीए की ओर से हेरिटेज पाथ का जो कॉन्सेप्ट दिया गया वह भी हेरिटेज संरक्षण को लेकर ही है। पर्यटकों को अधिक सुविधा और साफ वातावरण देने के लिए नगर निगम ने करीब चार साल पहले घंटाघर को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त किया था। दुकानों में व्यापार करने और उसके साथ 15 फीट तक स्थल तक ही हाथ ठेला लगाने की अनुमति थी। लेकिन नियंत्रण के अभाव में एक बार फिर घंटाघर की स्थिति पहले जैसी ही हो गई है।

500 से ज्यादा पर्यटक

घंटाघर पुराने शहर में एक दिन में औसतन 500 से ज्यादा पर्यटक निहारने के लिए पहुंचते हैं। सीजन में पूरे दिन देसी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन अब अतिक्रमण बढ़ जाने के कारण एक बार फिर पुलिस ने वन-वे यातायात प्रणाली लागू कर दी है। इससे कि हेरिटेज स्थल पर ज्यादा वाहनों की भीड़ न हो।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग