
गोडावण संरक्षण : लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान केंद्र को भेजा
जोधपुर.
प्राकृतिक आश्रय स्थल पर ही राज्य पक्षी गोडावण का संरक्षण (Conservation of State Bird Godavan) करने के लिए राज्य सरकार (state govt. of rajasthan) ने दस वर्षीय लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान केन्द्र सरकार (central govt) की मंजूरी के लिए भेजा है।
गोडावण की कैप्टिव ब्रीडिंग के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली है। जैसलमेर जिले के डेजर्ट नेशनल पार्क (Desert National Park of Jaisalmer District) में अब तक आठ गोडावण कृत्रिम तरीके से पैदा हो चुके हैं। राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) में इस आशय का अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया है। इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
विलुप्त हो रहे गोडावण को बचाने के लिए राज्य वन विभाग और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) साझा प्रयास कर रहे हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश पीके लोहरा की खंडपीठ में स्वप्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने कोर्ट को बताया कि अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया जा रहा है।
सुनवाई के बाद सरकार ने शपथ पत्र पेश कर दिया, जिसके अनुसार राज्य सरकार ने डब्ल्यूआइआइ को गोडावण के दस अंडे एकत्र करने की अनुमति प्रदान की थी। विशेषज्ञों ने आठ अंडे एकत्र किए, जिनमें कृत्रिम इन्क्युबेटर के माध्यम आठों गोडावण की हैचिंग (पक्षी द्वारा अंडों पर बैठकर उनको सेकने की प्रक्रिया) सफल रही है।
शपथ पत्र के अनुसार, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने हाल ही डेजर्ट नेशनल पार्क के उप वन संरक्षक को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 33 बी के तहत गोडावण व उनके अंडों के एनक्लोजर्स के आस-पास विचरण करने वाले जानवरों को हटाने के लिए अधिकृत किया है, ताकि गोडावण व उनके अंडों को नुकसान नहीं पहुंचे।
Published on:
19 Aug 2019 10:07 pm
