
बच्चों के दूध में चीनी मिलाना भूली सरकार
पीपाड़सिटी. मिड डे मील योजना में स्कूली बच्चों को दूध पिलाने की मुख्यमंत्री की बजट घोषणा को लागू करने के चक्कर में अधिकारी चीनी मिलाना ही भूल गए। इस कारण छोटे बच्चे फीका दूध कैसे पीएंगे गुरूजी के लिए ये एक नई समस्या बन गई है?
नहीं मिला चीनी का बजट
मुख्यमंत्री ने इसी साल फरवरी में राज्य विधानसभा में पेश बजट में मिड डे मील योजना में बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराने की घोषणा की उसकी अनुपालना में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए कि 2 जुलाई से सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को सप्ताह में तीन दिन प्रार्थना के बाद दूध मिलेगा। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 150 मिली व कक्षा 6 से 8 तक बच्चों को 200 मिली दूध दिया जाएगा। दूध के लिए आवश्यक बर्तन खरीदने के लिए दो हजार पांच सौ रुपए और प्रति ग्लास के लिए बीस रूपये का बजट दिया है। आमतौर पर चीनी मिलाकर ही दूध पिया जाता है। दिशा-निर्देशों में दूध कहां से मिलेगा इसका तो जिक्र है,मगर चीनी के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। छोटे बच्चों में स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ाने व बच्चों के शत प्रतिशत ठहराव की उम्मीद से मिड डे मील में दूध को शामिल किया गया। अब सवाल यह है कि फीका दूध इन बच्चों को कैसे और कितना आकर्षित कर पाएगा?
चीनी का मुदृा छाया रहा
नए शैक्षिक सत्र में उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को मिड डे मील में सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाने की योजना को लेकर ब्लॉक निष्पादन समितियों की बैठक में दूध में चीनी मिलाने का मुद्दा छाया रहा। ईपीइइओ ने तो यहां तक कहा कि साब कई टाबर तो मीठा रे लालच में दूध पीवै है बिना शक्कर तो कीकर पी ! निष्पादन समितियों की बैठक में दूध योजना को लागू करने के लिए संस्था प्रधानों को उत्तरदायी बनाया गया है। इससे साफ जाहिर है कि संस्था प्रधानों को ही यह तय करना है कि फीका दूध पिलाया जाए या चीनी का जुगाड़ किया जाए, क्योंकि सरकार की ओर से इन बैठकों को लेने आए जिम्मेदार अधिकारियों ने तो चीनी के मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया। निसं
इन्होंने रखे सुझाव।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रेमाराम चौधरी,पी ई ई ओ जवाहर लाल सोनेल,राहुल गुप्ता,निजामुदीन,रामकिशोर सांखला,खेम चन्द कुलदीप,राधारमण,ओम प्रकाश सेंवर ने बैठक में सुझाव रखें।वहीँ अनुपस्थित रहे पीईईओ खांगटा,तिलवासनी व बाड़ा कलां को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।इसी तरह देचू, शेरगढ़ व बापिणी ब्लॉक में भी हुई बैठकों में इस योजना को लागू करने सम्बंधी निर्देश दिए गए।
इनका कहना है।
अन्नपूर्णा दूध योजना को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संस्था प्रधानों को उत्तरदायी बनाया गया हैं।
प्रेमाराम चौधरी,ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पीपाड़सिटी।
Published on:
01 Jun 2018 05:21 pm
