
2 साल बाद राज्यपाल की मंजूरी, 114 शिक्षकों को अब सातवां वेतनमान
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के शिक्षक भर्ती 2012-13 में चयनित 114 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को राज्य सरकार के साथ ही राज्यपाल ने भी दो साल बाद 7वां वेतनमान देने की मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई सिण्डीकेट ने इस पर मोहर लगाई। शिक्षकों के कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के अंतर्गत पदोन्नति के संबंध में विवि कमेटी के नियमों को मंजूरी दी गई। सिण्डीकेट सदस्य प्रो कैलाश सोडाणी की ओर से ऑर्डिनेंस-317 का मुद्दा उठाने पर कहा गया कि एकेडमिक काउंसिल की ओर से कुलपति को अधिकृत करने के बाद ही यह ऑर्डिनेंस राज्यपाल को भेजा गया है। शहर विधायक मनीषा पंवार की ओर से एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में बीसीटी (बिल्डिंग कंस्ट्रशन टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रम को बार-बार बंद करने का मुद्दा विधानसभा में उठाने के बाद विवि प्रशासन ने अब नया बीसीटी विभाग खोलने व पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर एआईसीटीई को पत्र लिखने का निर्णय किया है। विवि में पीएचडी वायवा को गंभीर बनाने और बदलते समय के अनुरुप शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 15 दिन का प्रशिक्षण देने पर कमेटी बनाने पर भी निर्णय किया गया।
...तो एरियर व वेतन की ब्याज सहित होगी वसूली
राजभवन ने 19 जुलाई 2019 को शिक्षक भर्ती 2012-13 में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर्स को सातवें वेतनमान पर रोक लगा दी थी। 20 मार्च 2020 को राज्य सरकार ने अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय के बाद कुछ शर्तों पर वेतनमान को हरी झंडी दी। राजभवन ने अब 13 अगस्त 2021 को पत्र लिखकर राज्य सरकार के निर्णय पर मुहर लगाई। हालांकि यह न्यायालय के फैसले के अधीन रहेगा। अगर न्यायालय का निर्णय शिक्षकों के विरोध में होता है तो उन्हें एरियर, वेतन का आधिक्य ब्याज सहित लौटाना होगा। जेएनवीयू शिक्षक संघ के सचिव डॉ हेमसिंह गहलोत के नैसर्गिक न्याय के अंतर्गत वेतनमान लागू करने के आग्रह पर इसे मंजूरी दे दी गई।
बगैर डरे कर सकेंगे पदोन्नति
विवि में सीएएस पदोन्नति के लिए आवेदन पत्रों की स्कूटनिंग में नियम साफ नहीं होने से पिछले दिनों कुछ एचओडी व डीन ने इस्तीफा दे दिया और कुछ लंबी छुट्टी पर चले गए। विवि प्रशासन ने समस्या समाधान व नियम निर्धारण के लिए प्रो पवन कसेरा व प्रो केआर गेनवा की कमेटी गठित की, जिसके नियमों को सिण्डीकेट ने मंजूरी दे दी। अब विवि के एचओडी, डीन व डायरेक्टर्स बगैर किसी डर के आवेदन पत्रों की स्क्रूटनिंग कर सकेंगे।
6 महीने बाद भी बजट पास नहीं, 2 महीने की अग्रिम मंजूरी फिर ली
वित्तीय वर्ष 2021-22 के छह महीने बीतने के बावजूद अब तक विवि ने सिण्डीकेट से बजट पास नहीं करवाया है। मंगलवार को 6 महीने में किए गए खर्च की तो मंजूरी ली ही गई साथ ही बगैर बजट के अगले 2 और महीने खर्च पर भी मोहर लगवा ली।
Published on:
22 Sept 2021 08:20 pm
