
आखिर कटारिया को इतना गुस्सा क्यों आया कि बोले-गहलोत के पिता जिंदा है क्या
जोधपुर। संशोधित नागरिकता कानून को लेकर जोधपुर में आयोजित हुई देश के गृहमंत्री अमित शाह की जनजागरण सभा में शाह ने भले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री का पांच बार ही नाम लिया, लेकिन कई भाजपा नेताओं ने अपने पूरे भाषण को गहलोत के ही इर्द-गिर्द रखा। इनसे दो कदम आगे बढ़े नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने तो जुबानी हमले के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के पिता को भी याद कर लिया। असल में बात चली बंटवारे के समय पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हुए जुल्म की। कटारिया ने कहा कि गहलोत के पिता को याद करके कहा कि गहलोत और उनके परिजनों को छह माह तक पाकिस्तान में रहना था, तब पता चलता कि वहां किस तरह अत्याचार हुए। बाद में उन्होंने यहां तक कह दिया कि ...हिंद महासागर में डूबकर मर जाना। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, कैलाश चौधरी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ ने भी गहलोत के घर में ही उनकी घेराबंदी का प्रयास किया। उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने जोधपुर में आयोजित जनजागरण सभा में साफ कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर केन्द्र सरकार एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगी।
Published on:
04 Jan 2020 10:59 pm
