
अब सार्वजनिक वाहनों में बिना जीपीएस नहीं होगा पंजीयन
जोधपुर. शहर की सबसे व्यस्त रहने वाली रेलवे फाटक के कारण लोगों को होने वाली परेशानी से बचने के लिए कुछ माह पहले बनना शुरू हुआ रेलवे ओवरब्रिज अब आकार लेने लगा है। शहर के पहले एच शेप ओवरब्रिज के लिए पिलर लगाने के काम शुरू हो गए हैं। आरटीओ फाटक पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। दिन में औसतन हर 45 मिनट बाद फाटक बंद होने से लोगों को परेशानी होती है। इसी कारण इस फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण शुरू किया गया। मुख्य नागौर मार्ग पर दोनों व फाटक के दूसरी ओर सडक़ पर भी दोनों ओर उतरने-चढऩे के लिए मार्ग रहेगा। इसी कारण यह एच शेप ओवरब्रिज कहा जा रहा है। फिलहाल करीब 10 से 15 प्रतिशत काम होकर एक ओर पिलर खड़े हुए हैं। इस प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है।
एक नजर में प्रोजेक्ट
- फाटक संख्या सी-168 पर बन रहा ओवरब्रिज
- 1600 मीटर होगी ओवरब्रिज की लम्बाई
- एच शेप में होगा ओवरब्रिज
- 72 करोड़ रुपए है इस प्रोजेक्ट की लागत
- 2 साल में पूरा करना है प्रोजेक्ट
- 15 प्रतिशत तक हुआ है काम
पहले ओवरब्रिज की गड़बडिय़ां उठा चुकी है सवाल
इससे पहले जेडीए की ओर से बनाए गए ओवरब्रिज विवादों में आते रहे हैं। शहर का सबसे बड़ा ओवरब्रिज प्रोजेक्ट जो कि वीर दुर्गादास राठौड़ के नाम थो उसमें भी बड़ी कमी सामने आई। जिसमें अतिरिक्त पिलर लगाने के बाद यातायात शुरू हुआ। इसी प्रकार भदवासिया ओवरब्रिज, सारण नगर ओवरब्रिज व मंडोर ओवरब्रिज पर भी हादसे होने के बाद तकनीकी खामियां सामने आ चुकी है।
Published on:
20 Feb 2019 12:03 pm
