
रामधाम खेड़ापा में हस्तलिखित रामनाम बैंक का किया उद्घाटन
भोपालगढ़, (जोधपुर). अखिल भारतीय रामस्नेही संप्रदाय के चार प्रमुख स्तंभों में से एक भोपालगढ़ क्षेत्र के रामस्नेही रामधाम खेड़ापा में नवनिर्मित विशाल अष्टकोणीय प्रथम हस्तलिखित रामनाम महासागर बैंक का रामधाम के पीठाधीश्वर महंत आचार्य पुरुषोत्तमदास शास्त्री ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उद्घाटन किया। इस मौके कई साधु-संत व महंतों के साथ ही सैकड़ों की संख्या में रामस्नेही श्रद्धालु भी मौजूद रहे और रामधाम की ओर से इस प्रकार का अनूठा रामनाम महासागर बैंक विश्व में एकमात्र एवं पहला रामनाम बैंक होने का भी दावा किया गया है। रामधाम के उत्तराधिकारी संत गोविन्दराम शास्त्री ने बताया कि रामस्नेही सम्प्रदायचार्य पीठ रामधाम खेड़ापा में करीब एक वर्ष पूर्व रामधाम में आयोजित होली मेला महोत्सव के उपलक्ष्य में वृन्दावन के मलूक पीठाधीश्वर आचार्य राजेन्द्रदास महाराज राघवाचार्य के करकमलों से रामधाम प्रांगण में विशाल अष्टकोणीय हस्तलिखित रामनाम महासागर बैंक का शिलान्यास किया गया था। जिसका निर्माण कार्य करीब एक वर्ष तक चला और अब जाकर वर्ष पर्यन्त यह काम पूर्ण हुआ है। जिस पर दीपावली से पहले आए रवि पुष्य नक्षत्र की शुभवेला में रामस्नेही सम्प्रदायचार्य पीठ रामधाम खेड़ापा के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत आचार्य पुरुषोत्तमदास शास्त्री महाराज के करकमलों से नवनिर्मित हस्तलिखित रामनाम महासागर बैंक का विधिवत पूजा-अर्चना एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उद्घाटन किया और इसमें हस्तलिखित रामनाम पुस्तिकाओं की स्थापना की गई। इस मौके पर रामस्नेही रामधाम खेड़ापा के उत्तराधिकारी संत गोविन्दराम शास्त्री, बड़ा रामद्वारा सूरसागर के महंत रामप्रसाद महाराज, संत रामप्रकाश खेड़ापा, संत देवाराम सियाठ, युवा संत केशवदास व संध ध्यानदास समेत कई साधु-संत, महंत व सैकड़ों की संख्या में रामस्नेही श्रद्धालुओं के साथ गणमान्य लोग भी मौजूद थे। (निसं)
Published on:
10 Nov 2020 10:41 pm
