
समृद्धि की जिन्दगी में खुशियों का उजाला
जोधपुर.
ल्यूकोसाइड एडेशन डिफेक्ट टाइप-1 गंभीर बीमारी से ग्रस्त एक साल की मासूम समृद्धि की जिन्दगी में खुशियों का उजाला आ गया है। दिल्ली के बीएलके अस्पताल में समृद्धि को सफलतापूर्वक बोनमेरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) किया गया। बोनमेरो उसे पिता विक्रम सांचोरा ने डोनेट किया था। समृद्धि को स्पेशल थियेटर में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत नियंत्रण में बताई गई है।
चिकित्सकों के अनुसार बीएमटी के बाद दो-दो दिन के अंतराल में कीमोथैरेपी होगी। इसलिए मासूम को काफी दर्द व तकलीफ सहन करनी होगी। करीब तीन सप्ताह तक समृद्धि अस्पताल में रहेगी। समृद्धि के पिता विक्रम ने बताया कि उनके परिवार में यह दिवाली नया उजाला लाई है।
समृद्धि को 26 अक्टूबर को बीएलके अस्पताल (सुपर स्पेशएलिटी) मेंं भर्ती किया था। इससे पहले समृद्धि के भाई युवराज (4) के बोनमेरो की जांच की गई लेकिन सैम्पल मैच नहीं हुआ। उसके बाद पिता विक्रम की जांच की गई और एचएलए मैच हो गया। करीब एक सप्ताह थैरेपी के बाद धनतेरस के दिन समृद्धि का बीएमटी किया गया।
गौरतलब है कि शहर के प्रतापगनर स्थित फेजेआब मस्जिद क्षेत्र निवासी विक्रम सांचोरा की एक साल की पुत्री समृद्धि ल्यूकोसाइट एडेशन डिफेक्ट टाइप-1 से ग्रस्त थी। समृद्धि के इलाज के लिए जोधपुर एम्स सहित शहर के सभी अस्पतालों में परामर्श व इलाज लिया, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बीमारी ने उसकी एक आंख को नुकसान पहुंचा दिया। एम्स चिकित्सकों ने हायर सेंटर पर ले जाकर बीएमटी की सलाह दी। लेकिन विक्रम का परिवार आर्थिक स्थिति के चलते बीएमटी नहीं करवा पा रहे थे।
पत्रिका बनी मददगार
राजस्थान पत्रिका ने 19 सितम्बर को ' एक साल की मासूम को जानलेवा बीमारी, इलाज के लिए चाहिए भामाशाहों की मदद Ó समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद शहर के भामाशाह व दानदानदाता आगे आए और अब तक 16 लाख की आर्थिक मदद समृद्धि के परिवार को की जा चुकी है। भामाशाहों में एचपीसीएल पेट्रोल पम्प संचालक, उत्कर्ष कोचिंग संस्थान के चेयरमैन निर्मल गहलोत, समाजसेवी नरेश सुराणा, लटियाल हैण्डीक्राफ्ट, दमामी समाज ने बड़ी मदद की। लोगों का सहयोग मिलने के बाद समृद्धि को दिल्ली ले जाया गया। विक्रम ने बताया कि समृद्धि के इलाज के लिए और आर्थिक मदद की जरूरत है।
Published on:
06 Nov 2018 08:44 pm
