
पत्रिका की खबर का असर, हाईकोर्ट ने प्रसंज्ञान ले कर पेजयज किल्लत पर मांगा राज्य सरकार से जवाब
- समाचारों की कटिंग के साथ सेवानिवृत्त अभियंता ने हाईकोर्ट को लिखा था पत्र
जोधपुर . जोधपुर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं होने एवं दूषित जल को लेकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचारों की कटिंग के साथ जलदाय विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता भुवनेश माथुर ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर जनहित याचिका के रूप में दायर करने की गुहार लगाई। इस पर जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस रामचन्द्रसिंह झाला ने मंगलवार को स्व:प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 2 जुलाई को जवाब तलब किया। इसके साथ ही अधिवक्ता हरीश पुरोहित को न्यायमित्र नियुक्त कर उनसे भी रिपोर्ट मांगी गई है।पिछले लम्बे समय से जोधपुर शहर समेत जिले में न तो शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है और न ही अंतिम छोर तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। जलदाय विभाग द्वारा गर्मी का मौसम होने के बावजूद कई बार क्लोजर के नाम पर शहर में पेयजल आपूर्ति नहीं की गई, जबकि इस मौसम में सर्वाधिक पेयजल की आवश्यकता होने के बावजूद विभाग की ढुलमुल नीति के चलते लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
पत्रिका ने उठाया जनता का दर्द
राजस्थान पत्रिका शहर में दूषित पेयजल सप्लाई और पानी की कमी को लेकर जनता की आवाज बना। आईजीएनपी में क्लोजर के दौरान लोगों की समस्या और क्लोजर समाप्त होने के बाद भी टेल एंड तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या को पत्रिका ने प्रमुखता के साथ उठाया।
कायलाना और तख्तसागर में घटता जल स्तर
कायलाना और तख्तसागर चंद दिनों के पेयजल की खबरों को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। कायलाना में 7 दिन का पानी खबर और तख्तसागर में घटते जल स्तर के कारण जलदाय विभाग को 28 और 29 मई को शहर में क्लोजर जैसे मुद्दे उठाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाया।
कई जगह हुए प्रदर्शन
पेयजल की समय पर आपूर्ति नहीं होने और दूषित पेयजल के कारण लोगों को हो रही परेशानी को भी पत्रिका ने उठाया। पिछले डेढ़ माह में औसतन प्रतिदिन शहर में किसी न किसी मोहल्ले में लोग पेयजल को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। कहीं लोग पेयजल की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए तो कहीं मटकियां तक फोड़ी गई।
Published on:
30 May 2018 07:30 pm
