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एफआइआर से पहले मांगी रिश्वत, २२ हजार लेते हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

- चोरी का मामला दर्ज कर कार्रवाई व माल बरामदगी के लिए मांगे थे पच्चीस हजार रुपए- बोरानाडा थाने में एसीबी का छापा पड़ते ही थानाधिकारी व अन्य स्टाफ ड्यूटी छोड़ थाने से निकले- देर शाम तक बगैर थानाधिकारी रहा बोरानाडा थाना
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head constable taken bribe, acb arrested

एफआइआर से पहले मांगी रिश्वत, २२ हजार लेते हेड कांस्टेबल गिरफ्तार


जोधपुर.
मकान से सामान चुराकर बेचने के मामले की एफआइआर दर्ज करने से पहले ही कार्रवाई की एवज में पच्चीस हजार रुपए मांगकर बोरानाडा थाने में ही पीडि़त से बाइस हजार रुपए रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो का छापा पड़ते ही थानाधिकारी व अन्य स्टाफ मतगणना के दौरान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की ड्यूटी छोडक़र गायब हो गए। जो देर शाम तक थाने ही नहीं लौटे।
पुलिस अधीक्षक (एसीबी) डॉ विष्णुकांत शर्मा ने बताया कि बाइस हजार रुपए रिश्वत बोरानाडा थाने के हेड कांस्टेबल लूणाराम (३८) पुत्र मोटाराम सिंगोडि़या को गिरफ्तार किया गया है। यह राशि मूलत: बोरानाडा के जाटावास हाल झालामण्ड निवासी बेनाराम पुत्र चैनाराम जाट से थाने में ही ली गई। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उसके खिलाफ बेनाराम जाट ने गत नौ दिसम्बर को एसीबी की विशेष विंग में हेड कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। आरोप है कि बेनाराम जाट के जाटावास स्थित मकान के बंद हिस्से से गत ८ दिसंबर को चारपाई, बिस्तर, पानी की टंकी, पानी की मोटर, चार पहिया वाहन की बॉडी का डाला चोरी हो गया था। उसने अपने दिवंगत भाई की महिला मित्र लीला के खिलाफ नौ दिसम्बर को बोरानाडा थानाधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। थानाधिकारी ने हेड कांस्टेबल लूणाराम को जांच के लिए सौंप दी थी। हेड कांस्टेबल ने एफआइआर दर्ज करने से पहले महिला को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद करने के बदले पच्चीस हजार रुपए मांगे थे। इसकी शिकायत उसने एसीबी से की थी।
कार्रवाई के लिए ३५०० लिए, पच्चीस हजार और मांगे
हेड कांस्टेबल ने महिला को गिरफ्तार कर सामान बरामद करने में आनाकानी की और कार्रवाई के बदले पच्चीस हजार रुपए मांगे। पीडि़त ने एसीबी से शिकायत की। गोपनीय सत्यापन के लिए पीडि़त को हेड कांस्टेबल के पास भेजा। तब उसके पास चार हजार रुपए थे। हेड कांस्टेबल ने साढ़े तीन हजार रुपए उसी समय ले लिए। बाइस हजार रुपए दस दिसम्बर को लेकर आने का कहा। आरोपी ने रविवार शाम पीडि़त को फोन कर रिश्वत राशि के बारे में बात की। तब उसने कहा कि शाम होने की वजह से बैंक बंद हो गए हैं और वो मंगलवार को रुपए दे देगा। उसने मंगलवार दोपहर १२.३० बजे थाने में यह रिश्वत राशि हेड कांस्टेबल को दी। इशारा मिलते ही एसीबी के उपाधीक्षक जगदीश सोनी, निरीक्षक रमेश खिडि़या, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, मेघराज, कांस्टेबल भंवरलाल, मेघसिंह, अर्जुनसिंह, ओमप्रकाश, रामचन्द्रसिंह, देवाराम, प्रकाश व खम्माराम ने दबिश देकर हेड कांस्टेबल लूणाराम को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। राशि जब्त भी कर ली गई।
मोबाइल बंद कर थाने से गायब रहे थानाधिकारी
उपाधीक्षक जगदीश सोनी ने बताया कि थाने में दबिश देकर हेड कांस्टेबल को पकड़ते ही थाने में मौजूद थानाधिकारी और अन्य स्टाफ गायब हो गए। इतना ही नहीं उन्होंने मोबाइल भी बंद कर लिया। थाने से निकल रहे एक एसआई, हेड कांस्टेबल व दो सिपाहियों को ब्यूरो ने रोक लिया। थानाधिकारी के बारे में पूछने पर स्टाफ हल्का में ड्यूटी पर होने के बारे में जानकारी देता रहा। देर शाम साढ़े छह बजे ब्यूरो के रवाना होने तक थानाधिकारी थाने नहीं लौटे।
हेड कांस्टेबल के पकड़े जाने पर दर्ज की एफआइआर
बेनाराम ने नौ दिसम्बर को चोरी व सामान बेचने की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने एफआइार दर्ज करने की बजाय रिश्वत मांग ली। रिश्वत मिलने के इंतजार में दो दिन तक एफआइआर तक दर्ज नहीं की। रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद मामला दर्ज किया गया। इस संबंध में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) मोनिका सेन का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी। दोषी होने पर कार्रवाई की जाएगी।

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