
स्वास्थ्य विभाग को सर्वे में 62,863 घरों में मिला लार्वा
जोधपुर. डेंगू सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम व बचाव के लिए राज्य सरकार की ओर से 2018 में एक अधिसूचना जारी कर डेंगू, मलेरिया व स्वाइन फ्लू आदि मौसमी बीमारियों को नोटिफ ाइबल डिजीज की श्रेणी में रखा गया है। सीएमएचओ डॉ. बलवंत मण्डा ने बताया कि जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रो में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से एन्टी लार्वल सर्वे कार्य के दौरान स्वास्थ्य दलों को 62863 घरों में लार्वा मिला। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे के दौरान घरों में लार्वा मिलने पर एक बार उसे नष्ट करने का तरीका बताएंगे तथा दूसरी बार भ्रमण के दौरान जिस घर या संस्थान में लार्वा पाया जाएगा, उसके मालिक को 24 घण्टे मे लार्वा नष्ट करने के लिए लिखित में नोटिस दिया जाएगा। उसके पश्चात् तीसरे भ्रमण में भी लार्वा पाया जाता है तो उसके नोटिफाइबल एक्ट के तहत कार्रवाही करते हुए 500 रुपए का चालान काटा जाएगा।
600 टीमों ने किया 24,07,032 घरों का सर्वेÓ
डिप्टी सीएमएचओ डॉ प्रीतम सिंह सांखला ने बताया कि अब तक तक 24,07,032 घरों का सर्वे किया गया। ये सर्वे कई घरों में रिपीट हुआ। इस दौरान 62,863 घरों में डेंगू मच्छरों का लार्वा पाया गया। वही स्वास्थ्य दलों ने 30,509 जगह एमएलओ, 1,29,444 स्थानों पर टेमिफा ॅस का घोल डाला गया। वहीं 1,63,578 कंटेनर्स,जलपात्रो को खाली करवाया। 242 जलस्रोतों में लार्वा को नष्ट करने के लिए गंबूसिया मछलिया डाली। 4083 स्थानों पर पायरेथ्रम स्प्रे व 33 क्षेत्रों में फ ोगिंग स्प्रे हुए
Published on:
17 Oct 2021 11:22 pm
