
यहां किस्से, कहानियां और कला की बातों संग फूड का मजा...
जोधपुर।
अगर आप कला के कद्रदान है। कहानियां-किस्से सुनना और सुनाना पसंद है तो समय-समय पर महफिल बैठती है। कलाकार और कला को जानने वाले जुटते हैं। शहर के युवा हिमांशु किरण शर्मा सनसिटी के एकमात्र ऐसे ह्यूमन लाइब्रेरी हैं जो इस प्रकार की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
हिमांशु का कहना है कि डिजिटल वल्र्ड में हमारे पास एक दूसरे के लिए समय नहीं है और कहानी कहने-सुनने का कल्चर भी सीमित होने लगा है। ह्यूमन लाइब्रेरी का कॉन्सेप्ट भी प्रचलित होने लगा है। इसमें कोई भी व्यक्ति किसी साहित्य के जानकार या कलाकार को आमंत्रित कर उससे कविता, कहानी या किस्सा आदि बैठकर सुन सकता है। शहर के युवा हिमांशु किरण शर्मा सनसिटी के एकमात्र ऐसे ह्यूमन लाइब्रेरी हैं जो इस प्रकार की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इसी थीम पर परकोटा शहर में हिमांशु कैफे भी चलाते हैं जो कि पहला आर्ट कैफे हैं।
हिमांशु को उनके दादा साहित्यविद् पुखराज शर्मा ने साहित्य पढऩे के लिए प्रेरित किया। लिट्रेचर पढऩे पर लगा शहर के युवाओं में पढऩे की रुचि कम है। वहीं कई ऐसे भी युवा हैं जो जानना जरूर चाहते हैं लेकिन पढऩे के लिए समय नहीं निकाल पा रहे या विषय की अधिक समझ और जानकारी में पीछे रह जाते हैं। हिमांशु ने बताया कि अब उनके पास आइआइटी आदि संस्थानों से भी इसके लिए बुलावा आता है और वे वहां युवाओं को साहित्य के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
संगीत से हुई शुरुआत
हिमांशु ने बताया कि उन्हें बचपन से ही संगीत का शौक रहा है। मुकेश पुरोहित (पी भासा) से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। गुरु ने म्यूजिक कॉम्पोजिशन में हाथ आजमाने के लिए कहा। संगीत रचने के लिए गुरु ने साहित्य को पढऩे और समझने के लिए प्रेरित किया। यहां से साहित्य में अधिक रुचि उत्पन्न हुई। अपनी लगन के चलते मात्र 17 वर्ष की आयु में जोधपुर आइडल गीत-संगीत प्रतियोगिता करवाई है।
कैफियत में बसता है साहित्य संसार
शहर में ओपन माइक कल्चर खासा लोकप्रिय हो रहा है। लेकिन ओपन माइक शैली से इतर कैफियत युवाओं को साहित्य से जोडऩे के लिए प्रयासरत है। इसमें स्थापित शायरों और अदीबों को सुनने का मौका दिया जा रहा है। देशभर के प्रख्यात युवा शायर अपने कलाम पढ़ रहे हैं।
Updated on:
28 Nov 2021 09:14 pm
Published on:
28 Nov 2021 09:14 pm
