कागजों में दब कर रह गया जोधपुर के भीतरी क्षेत्र में बनने वाला हेरिटेज मार्ग, पार्र्किंग नहीं होने से यातायात बन रहा सिरदर्द

चुनाव के बाद सरकार बदली और जेडीए का नेतृत्व और अधिकारी बदल चुके हैं। अब नई कमान के साथ इस काम को करने की जिम्मेदारी है।

By: Harshwardhan bhati

Published: 30 Dec 2018, 11:46 AM IST

अविनाश केवलिया/जोधपुर. पुराने शहर में पर्यटक को चार चांद लगाने के लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से एक हेरिटेज मार्ग प्रस्तावित किया गया। चुनाव आचार संहिता से ठीक पहले इसका शिलान्यास हुआ, लेकिन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण यह हेरिटेज मार्ग अब कागजों में है। जोधपुर की संकरी गलियों में कलात्मक शैली और हेरिटेज लाइफ को नजदीक से जानने के लिए देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इस प्रस्तावित मार्ग पर सुकून से ज्यादा वाहनों की पार्र्किंग व जाम बड़ी समस्या खड़ी करते हैं।

शहर में माणक चौक से लेकर किलीखाना और गांछा बाजार से लेकर किला घाटी तक दो चरणों में हेरिटेज मार्ग प्रस्तावित किया गया था। 5 अक्टूबर को इसका शिलान्यास किया गया। इसके एक दिन बाद ही 6 अक्टूबर को आचार संहिता लग गई। चुनाव के बाद सरकार बदली और जेडीए का नेतृत्व और अधिकारी बदल चुके हैं। अब नई कमान के साथ इस काम को करने की जिम्मेदारी है। हेरिटेज पाथ का काम अव्वल तो शुरू हुआ नहीं है, यदि शुरू हो भी जाता है तो सडक़ पर खड़े वाहन व जाम की स्थितियां इस हेरिटेज लुक पर बदनुमा दाग है।


विकसित हो पार्र्किंग, तो लगे चार चांद

इस क्षेत्र में यदि पार्र्किंग विकसित हो तो चार चांद लग सकते हैं। पर्यटन सीजन में प्रतिदिन 200 से अधिक चार पहिया वाहनों का इन संकरी गलियों में आवागमन होता है। पार्र्किंग स्थल नहीं होने से कई वाहन सडक़ किनारे ही खड़े किए जाते हैं। ऐसे में जाम की स्थितियां बननी आम बात है।

एक नजर में हेरिटेज पाथ
- 2 करोड़ 7 लाख है इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत
- 2 अलग-अलग मार्ग इसमें चयनित किए गए
- 1500 मीटर कुल हेरिटेज पाथ बनेगा।
- 50 से ज्यादा गेस्ट हाउस व होटल इस पाथ के आस-पास।
- हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं सीजन में

दो चरण में यह मार्ग
- माणक चौक से मकराना मोहल्ला, तूरजी झालरा, चौहानजी नोहरा से होते हुए किलीखाना तक प्रस्तावित है।
- दूसरा भाग घंटाघर गाच्छा बाजार से मकराना मोहल्ला, किलीखाना होते हुए किला घाटी तक।

फोर्ट व्यू के कारण लोगों की पसंद है यह क्षेत्र
मेहरानगढ़ किले के ठीक नीचे बसे इस क्षेत्र में जितने भी होटल या गेस्ट हाउस हैं वहां से किले का नजारा दिखता है। साथ ही पुराने शहर में बने मकान कलात्मक व हेरिटेज लुक देते हैं। इसी कारण यहां पर्यटक रुकना पसंद करते हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए ही यहां जेडीए ने हेरिटेज मार्ग प्रस्तावित किया। जिससे कि घंटाघर से आने वाला पर्यटक सीधे मेहरानगढ़ किले की घाटी तक हेरिटेज फील लेते हुए पहुंचे।

नई कमान से ऐसी आस
एक दिन पहले ही जेडीसी का काम संभालने वाले गौरव अग्रवाल को इस बारे में बताया तो उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करने की बात कही। फिलहाल शहर के सभी प्रोजेक्ट से वे अनजान है लेकिन पत्रिका की पहल पर उन्होंने जल्द अधिकारियों से इस बारे में जानकारी लेने की बात कही।

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