
टेकरा के ग्रामीणों से बात करते प्रशासनिक अधिकारी
बाप . टेकरा गांव में शुक्रवार सुबह घरों की विद्युत लाइन में हाईवॉल्टेज आ जाने से एक पूर्व सैनिक मूलसिंह राजपूत की मौत हो गई और सात जने करंट की चपेट में आकर झुलस गए। डिस्काम की लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों ने पोकरण अस्पताल में हंगामा किया और मुआवजा और अन्य मांगे पूरी न होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए। दिन भर चले इस घटनाक्रम के दौरान पोकरण में देर शाम तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की वार्ता के दौरान उनकी मुआवजे सहित अधिकांश मांगे मान लिए जाने पर शव उठाया गया।
हर जगह दौड़ रहा था करंट-
उपखण्ड के टेकरा गांव में शुक्रवार सुबह सूर्योदय की पहली किरण काल बनकर निकली। कई घरों में 5-5.30 बजे लोग उठ गए थे, उस समय बिजली से जुड़े हर उपकरण, यहां तक की कई दीवारों में हाई वॉल्टेज करंट दौड़ रहा था। जिसने भी छुआ व करंट की चपेट में आ गया। मूलसिंह राजपूत सुबह उठकर उनींदे ही घर के बाहर निकले थे कि करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। सात अन्य लोग भी अपने-अपने घरों में करंट की चपेट में आकर झुलस गए। तकरीबन पचास से अधिक घरों से करंट की शिकायत मिली। वहां भी कई लोगों को करंट लगा। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैली तो लोग बिजलीघर की आेर दौड़े, कर्मचारियों से कहकर विद्युत आपूर्ति रुकवाई तभी बड़ा हादसा टल पाया, क्योंकि कई लोग अभी इस घटना से अनजान सो रहे थे। मृतक सहित घायलों को निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोकरण ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मूलसिंह को मृत घोषित कर दिया।
250 वॉल्ट से ज्यादा करंट-
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घरो में करंट दौडऩे का मुख्य कारण सुपर ट्रांसफार्मर पर अर्थ फेल होना है। अर्थ फेल होते ही वॉल्टेज अचानक हाई हो गया, जिसके कारण घरो में करंट दौड़ा, क्योंकि बिजली के उपकरण व स्विच या अन्य सामान जो बिजली से जुड़े होते है 230 से 250 वोल्ट तक करंट तो झेल लेते है, उससे ज्यादा होने पर वह करंट उनमें प्रवाहित होने लगता है।
मुआवजा व अन्य मांगे मानी-
शव न उठाने की पर अड़े ग्रामीणों के साथ बाप उपखण्ड अधिकारी सुमित्रा पारीक, पोकरण उपखण्ड अधिकारी रेणु सैनी, डीवाईएसपी पोकरण नानकसिंह देर शाम वार्ता की। तीन घंटे चली वार्ता के दौरान ग्रामीणों को उनकी मांगों के मुताबिक मृतक के परिवार को तुरन्त प्रभाव से प्रशासन व विद्युत विभाग द्वारा मुआवजा जारी करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता व सहायक अभियंता को हटाकर आदेश की प्रति देने, मृतक के आश्रित को नौकरी देने, विद्युत विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के विरूद्ध बाप थाने में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, टेकरा जीएसएस पर कार्यरत संविदा कार्मिकों को हटाकर नियमित २ विद्युत कर्मी व एक लाइनमैन की नियुक्ति करने तथा पिछले पांच वर्षो में टेकरा गांव में खराब हुई विद्युत वितरण प्रणाली को सुधारने एवं अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जाँच करवाने की मांगों पर सहमति बनी और उन्हें मान लिया गया।
एक सप्ताह पहले की थी शिकायत-
गांव में जगह-जगह करंट आने की शिकायत एक सप्ताह से मिल रही थी। सरपंच भंवरकंवर की ओर से डिस्काम में इसकी सूचना भी दी गई, मगर किसी ने समस्या दूर करने पर ध्यान नहीं दिया और शुक्रवार को यह हादसा हो गया। टेकरा सरपंच प्रतिनिधि शैतानसिंह भाटी ने बताया कि उनके गांव में डिस्कॉम की लापरवाही के कारण जगह-जगह विद्युत तार जमीन से कम ऊंचाई पर झूल रहेे है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नही की गई।
ये हुए घायल-
सुमेरसिंह (उम्र 55) पुत्र माधुसिंह, प्रेमसिंह (24) पुत्र नखतसिंह, ओमसिंह (24) पुत्र बच्चनसिंह, राजुसिंह (23) पुत्र अमृतसिंह, मोहनकंवर (40) पत्नी देरावरसिंह, प्रेमकंवर (40) पत्नी मोहनसिंह व पुष्पाकंवर (34) पत्नी राजुसिंह सभी जाति राजपूत निवासी टेकरा घायल हुए। घायलो को सीएचसी पोकरण में चिकित्सकों द्वारा उपचार किया गया।
करंट से हुई अब तक आठ मौत
मिली जानकारी के अनुसार टेकरा कृषि बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर सैकड़ों कृषि नलकूप खुदे हुए है। पूर्व में भी कई लोग करंट की चपेट में आकर काल का ग्रास बन चुके है। ग्रामीणों ने बताया कि करंट से अब तक कुल 8 मौते हो चुकी है। निसं
पुलिस छावनी में तब्दील अस्पताल
ग्रामीणोंकी ओर से विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पोकरण पुलिस उपाधीक्षकनानकसिंह, थानाधिकारी माणकराम विश्रोई, रामदेवरा थानाधिकारीदेवीसिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता अस्पताल पहुंचा। जिससेअस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। सूचना मिलने पर बाप थानाधिकारी धन्नापुरी गोस्वामी, फलोदी थानाधिकारी मदनसिंह भी पोकरण पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन वे उपखण्ड अधिकारी बापको मौके पर बुलाने तथा उनकी मांगों पर कार्रवाई करने की बात परअड़े रहे। बड़ी संख्या में लोग जोधपुर रोड पर पहुंच गए तथा चक्काजाम काप्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्काल भीड़ को रोड से हटा दिया गया एवंयातायात सुचारु रखा गया।
मामले की पूरी जांच हो-
पिछले दस वर्षो में कभी भी विभाग द्वारा टेकरा में विद्युत लाइनों को दुरूस्त नही करवाया गया है। ठेकेदारी फर्म से सांठ-गांठ कर विभागीय अधिकारियों ने राजकोष को करोड़ो रूपए का नुकसान पहुंचाया है। मरम्मत के नाम पर ठेकेदार के कार्मिक केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे है। इस मामले की उचित जाँच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
भंवर कंवर, सरपंच टेकरा।
Published on:
08 Jun 2018 11:50 pm
