
अब हाईवे पर जमीन खरीदना पड़ेगा महंगा, दो साल बाद बढ़ गईं डीएलसी दरें
अविनाश केवलिया/जोधपुर. अगर आप हाईवे किनारे जमीन खरीद कर अपना व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो जेब पर भार बढ़ सकता है। जिला स्तरीय कमेटी ने डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की है। शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में केवल हाईवे किनारे वाली जमीनों के दाम बढाए गए हैं। जिनकी जमीन पहले से ही हाईवे से सटी है उनकी कीमत बढ़ जाएगी, लेकिन जो अब हाईवे किनारे बसे गांवों में व्यापार करना चाहते हैं उनको ज्यादा निवेश करना होगा।
जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित की अध्यक्षता में हुई बैठक में जोधपुर शहर के सभी पांच सब रजिस्ट्रार कार्यालय क्षेत्र में आवासीय श्रेणी के लिए 5 प्रतिशत और कॉर्मशियल श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। बैठक में इस संबंध में निर्णय किया गया है। जिला कलक्टर ने बताया कि इसके अलावा हाईवे से सटे गांवों में भी दरों में बदलाव किया गया है। लेकिन जो गांव हाईवे से सटे नहीं हैं वहां डीएलसी दरें यथावत रहेंगी। बैठक में नई दरों पर सहमति बनी है। हालांकि मिनट्स जारी होने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
हाईवे पर इस प्रकार रहेंगी दरें
जोधपुर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे और मेगा डिस्ट्रिक्ट रोड से सटे गांवों में डीएलसी दरें बदली गई है। इन गांवों में हाईवे से 0 से 100 मीटर दूर स्थित गांवों की दर 10 प्रतिशत और 100 से 200 मीटर दूर डीएलसी कीमत 5 प्रतिशत बढ़ाई गई है।
2017 में बढ़ी और 2018 में घट गई
इससे पहले डीएलसी दरें 2017 में बढ़ी थी। इसके बाद 2018 में घटा दी गई। ऐसे में अब फिर से करीब पांच से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे सकारात्मक बता रहे हैं तो रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कारोबारी इसको भार मान रहे हैं।
मार्केट रेट घट रही
दूसरी ओर रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि जमीनों की बाजार कीमत काफी घट रही है। रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले कुछ सालों से मंदी चल रही है। स्थिति यह है कि कुछ इलाकों में तो बाजार भाव डीएलसी रेट से भी कम है। ऐसे में डीएलसी रेट बढ़ाने से आमजन को ज्यादा फायदा नहीं होगा। हालांकि सरकार का राजस्व जरूर बढ़ जाएगा।
Published on:
30 Aug 2019 03:02 pm
