गणगौरी तीज पर घरों में हुए उद्यापन

 

दूसरे साल भी नहीं निकली गवर की माता की सवारी

By: Nandkishor Sharma

Published: 16 Apr 2021, 10:28 AM IST

जोधपुर. अखंड सुहाग की कामना को लेकर मनाए जाने वाला मारवाड़ का प्रमुख लोक पर्व गणगौरी तीज गुरुवार को घरों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सोलह दिनों तक गवर पूजने वाली तीजणियों ने पूजन स्थल के नजदीकी पवित्र जलाशयों व कुएं से लोटियों में जल लाने के बाद गवर माता को जल अर्पित करने की रस्म पूरी की। सामाजिक दूरी के साथ गवर माता के पारम्परिक गीत एवं आरती कर व्रत का पारणा किया। कुंवारी कन्याओं ने सुयोग्य वर के लिए महागौरी के रूप में गवर माता का पूजन किया। सामूहिक तौर पर किए जाने वाले गवर पूजन के समापन पर सामूहिक उद्यापन 'ऊजमणाÓ में सीमित पारिवारिक सदस्यों को ही आमंत्रित किया गया। कोरोना गाइडलाइन के चलते गणगौरी तीज के दिन आस्था की प्रतीक गवर माता की सवारी व शोभायात्रा लगातार दूसरे साल भी नहीं निकाली जा सकी। हटडिय़ों का चौक में तीजणियों व श्रद्धालुओं के लिए गवर माता की प्रतिमा को उचित दूरी से ही दर्शन की व्यवस्था की गई।

दूसरे साल भी गवर की माता की शोभायात्रा स्थगित
गणगौर समिति पैला मूंदड़ों की गली, राखी हाउस के प्रवक्ता लक्ष्मीकांत छैनू ने बताया कि प्रशासन के निर्देशानुसार कोविड महामारी को देखते हुए इस बार गवर माता की शोभायात्रा नहीं निकाली गई। गवर माता की सवारी पिछले सात दशकों से हर साल निकाली जाती है। जिनमें वह अपने ससुराल पुंगल पाड़ा से अपने पीहर राखी हाउस सज धज कर लाई जाती है। जल अर्पण की रस्म के बाद भोळावणी तक वहीं पर विराजमान की जाती है। लोगों की आस्था को देखते हुए गवर माता के केवल दर्शन की व्यवस्था की गई है।

यहां भी मनाया गणगौर उत्सव

मनस्वी संगठन की ओर से गणगौर पर्व वर्चुअल पूजा के साथ मनाया गया । संगठन की अध्यक्ष मुक्ता माथुर ने बताया कि
पूजन में राजस्थान सहित देश विदेश में बसे परिवारों की युवतियों व महिलाओं ने भाग लिया।

Patrika
Nandkishor Sharma Desk
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