
लूणी ब्लॉक को सेफ जोन में कैसे बांटा, स्पष्ट नहीं!
जोधपुर।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने लूणी क्षेत्र में ट्यूबवेल के लिए दी गई एनओसी की पुष्टि के लिए केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) से रिपोर्ट मांगी है। जोजरी नदी में टेक्सटाइल सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से हो रहे प्रदूषण के मामले में एनजीटी ने कहा कि सीजीडब्ल्यूए की ओर से जारी स्टेट्स रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि लूणी ब्लॉक को सेफ जोन कैसे बांटा गया है ? सीजीडब्ल्यूए ने अन्य एजेंसियों व सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट पेश कर दी। जिसमें यह बताया गया कि सीजीडब्ल्यूए ने भूजल उपयोग के लिए 87 एनओसी जारी की है।
दरअसल एनजीटी ने गत सुनवाई में सीजीडब्ल्यूए को लूणी ब्लॉक में भूजल का अवैध उपभोग करने वाली इकाइयों को चिन्हित कर, उनको सील करने व अन्य कार्यवाही को लेकर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इस पर सीजीडब्ल्यूए ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लूणी ब्लॉक में इकाइयों को जारी की गई कन्सेन्ट टू ऑपरेट के आधार पर एनओसी जारी कर उसका डाटा पेश कर दिया। जबकि अवैध इकाइयों पर कार्यवाही को लेकर कोई जवाब नहीं दे पाइ। इस पर एनजीटी ने सीजीडब्ल्यूए के क्षेत्रीय निदेशक को 16 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में उपस्थित होकर तथ्यात्मक जानकारी के साथ रिपोर्ट करने के आदेश दिए है।
Published on:
27 Sept 2019 03:45 pm
