
मानवाधिकार आयोग ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को जारी किया समन
जोधपुर ।
जोधपुर रेल मंडल के रेण स्टेशन पर देशभर से आने वाले लकवा रोगियों को स्टेशन पर दूसरी लाइन पर खड़ी गाड़ी में बैठने, कोच सांकेतिक बोर्ड सहित कुछ बड़ी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। बार-बार जवाब मांगने पर भी रेलवे बोर्ड चेयरमैन के कोई जवाब नहीं देने पर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए रेलवे बोर्ड चेयरमैन को 22 जनवरी 2018 को सुबह 11 बजे व्यक्तिगत रुप से पेश होने के आदेश दिए है। साथ ही, 15 जनवरी और इससे पहले रिपोर्ट पेश करने करने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट के आदेश दिए है। लकवाग्रस्त रोगियों को समस्याओं को लेकर शिकायतकर्ता दीनदयाल बंग ने सितम्बर 2017 में आयोग को इस सम्बन्ध में पत्र लिखा था। जिस पर आयोग ने केस दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड चेयरमैन से जवाब मांगा था। लकवा रोगियों की समस्याओं को लेकर आयोग ने केस दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड नई दिल्ली के चेयरमैन को 6 सप्ताह में कार्यवाही कर सीधे शिकायतकर्ता को सूचित करने को कहा था। तय समय 6 सप्ताह में जवाब नहीं आने पर रिमाइंडर भी दिया गया, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। आठ माह बाद आयोग ने इस केस के सम्बन्ध में पुन: जवाब मांगा था। जिसका भी रेलवे बोर्ड चेयरमैन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13(1) (ए) के तहत कार्यवाही की बात कही थी, जिसके तहत अब नोटिस जारी किया गया है ।
चेयरमैन के बर्ताव पर जताई नाराजगी
आयोग ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की। आयोग ने लिखा कि रेलवे बोर्ड चेयरमैन के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार ने हमें पीएचआर अधिनियम की धारा 13 के तहत रेलवे बोर्ड चेयरमैन को नोटिस जारी करने के लिए बाध्य किया है।
पत्रिका ने प्रकाशित की लकवा रोगियों की पीड़ा
राजस्थान पत्रिका ने खबरें प्रकाशित कर लकवा रोगियों की पीड़ा उजागर की। रेण रेलवे स्टेशन पर एक गाड़ी के मुख्य प्लेटफ ॉर्म पर खड़ी होने की स्थिति में उसी समय यहां ठहराव करने वाली दूसरी गाड़ी लाइन नम्बर 2 पर आती है। ऐसी स्थिति में दूसरे पर आश्रित लकवा रोगियों के दूसरी लाइन पर जाने में बहुत ज्यादा दिक्कतें आती है। उन्हें 2-4 लोगों की मदद से दूसरी लाइन पर पहुंचाया जाता है। कोच स्थिति दर्शाने वाले कोच साइन बोर्ड नहीं होने की वजह से गाड़ी आने पर लकवा रोगियों के परिजनों में भागदौड़ की स्थिति बन जाती है। गौरतलब है कि लकवा रोगियों के धार्मिक आस्था का केन्द्र बुटाटी धाम आने के लिए रेण रेलवे स्टेशन मुख्य माध्यम है, जहां से लकवा रोगी व श्रद्धालु बुटाटी धाम जाते है।
Updated on:
06 Nov 2018 04:41 pm
Published on:
05 Nov 2018 09:27 pm
