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रेलवे बोर्ड चेयरमैन मानवाधिकार आयोग में तलब

जोधप़ुर. राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को मानवाधिकार आयोग में तलब किया है। आयोग ने 22 जनवरी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का आदेश दिया है। आयोग ने रेण स्टेशन पर लकवा रोगियों को हो रही परेशानी के मामले में यह बात कही।
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जोधपुर

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MI Zahir

Nov 03, 2018

Human Rights Commission summoned to Railway Board Chairman

Human Rights Commission summoned to Railway Board Chairman

जोधपुर. जोधपुर रेल मंडल के रेण स्टेशन पर देशभर से आने वाले लकवा रोगियों को होने वाली कई गंभीर समस्याओं के बारे में कई बार जवाब मांगने पर भी रेलवे बोर्ड चेयरमैन की ओर से जवाब नहीं देने पर मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को आगामी 22 जनवरी को सुबह 11 बजे व्यक्तिगत तौर पर आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार रेलवे बोर्ड की ओर से 15 जनवरी या इससे पहले रिपोर्ट पेश करने की स्थिति में बोर्ड चेयरमैन को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने से छूट दी जाएगी।

जवाब नहीं दिया गया

रेण आने वाले लकवाग्रस्त रोगियों को समस्याओं को लेकर दीनदयाल बंग ने सितम्बर 2017 में आयोग को पत्र लिखा था। इस पर आयोग ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन से जवाब मांगा था और 6 सप्ताह में कार्यवाही कर सीधे शिकायतकर्ता को सूचित करने के लिए कहा था। तय समय में जवाब नहीं आने पर 'रिमाइंडर देने पर भी जवाब नहीं दिया गया। आठ माह बाद आयोग ने इस केस के सम्बन्ध में पुन: जवाब मांगा, लेकिन रेलवे बोर्ड चेयरमैन की ओर से इसका भी कोई जवाब नहीं दिया। अब आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13(1) (A) के तहत नोटिस जारी कर बोर्ड चेयरमैन को तलब किया है। आयोग के अनुसार रेलवे बोर्ड के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार ने हमें नोटिस जारी करने के लिए बाध्य किया है।

'पत्रिका ने प्रकाशित की थी लकवा रोगियों की पीड़ा

राजस्थान पत्रिका ने खबरें प्रकाशित कर लकवा रोगियों की पीड़ा उजागर की थी। रेण रेलवे स्टेशन पर एक गाड़ी के मुख्य प्लेटफ ॉर्म पर खड़ी होने की स्थिति में उसी समय यहां ठहराव करने वाली दूसरी गाड़ी लाइन नम्बर 2 पर आती है। ऐसी स्थिति में दूसरे पर आश्रित लकवा रोगियों को 2-4 लोगों की मदद से दूसरी लाइन पर पहुंचाया जाता है। कोच स्थिति दर्शाने वाले साइन बोर्ड नहीं से गाड़ी आने पर लकवा रोगियों और परिजनों को भागदौड़ करनी पड़ती है। गौरतलब है कि धार्मिक आस्था के चलते देशभर से बड़ी संख्या में लकवा रोगी बुटाटी धाम पहुंचते हैं। इसके लिए सवारी गाड़ी से रेण रेलवे स्टेशन पहुंचना होता है। वहां पहुंचने के लिए रेलगाड़ी ही प्रमुख माध्यम है।

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