
जोधपुर में सामने आया मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला, शादी के बहाने विधवा को बेच कर बेटी के साथ किया ये काम
जोधपुर. दो बहनों व दो भाइयों ने सांगरिया फांटा के पटेल नगर में एक विधवा को शादी कराने के नाम पर सत्तर हजार रुपए में तिंवरी के एक व्यक्ति बेच कर उसकी मासूम पुत्री को बंधक बना लिया। तीन-चार दिन बाद महिला ने फैक्ट्री में श्रमिक ठेकेदार को सूचित कर मदद मांगी। इसके बाद बासनी थाना पुलिस ने शनिवार को महिला को मुक्त कराया और उसकी पुत्री उसे सौंप दी।
थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह देवड़ा के अनुसार पुणे निवासी छब्बीस वर्षीय विधवा महिला पटेल नगर में किराए के मकान में मासूम पुत्री के साथ रहती थी। वह दिन में स्टील फैक्ट्री में मजदूरी करने के साथ एक मकान में घरेलू काम भी करती थी। इस मकान के पड़ोस में रहने वाली दो बहनों व दो भाइयों ने उसकी शादी कराने के बहाने तिंवरी निवासी गुमानाराम देवासी से सत्तर हजार रुपए में सौदा किया और चालीस हजार रुपए अग्रिम लेकर विधवा को उसे सौंप दिया। जबकि उसकी पुत्री को अपने पास रख लिया।
महिला ने तीन-चार दिन तक गुमानाराम के साथ रहने के बाद श्रमिक ठेकेदार धनसिंह को फोन कर मामले की जानकारी दी। ठेकेदार से मिली सूचना पर पुलिस ने गुमानाराम पर दबाव डाला तो वह महिला को लेकर थाने पहुंचा। पुलिस ने महिला को मुक्त कराकर दो बहनों व दो भाइयों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया। इसका पता लगने पर चारों गायब हो गए। पुलिस पूछताछ के लिए मकान मालिक को थाने लेकर आई है।
पुत्री मां को सौंपी
आरोपियों ने शादी के लिए गुमानाराम से एक अन्य महिला से बात कराई थी। चालीस हजार रुपए देकर वह इस महिला को लेकर घर पहुंचा तो उसे संदेह हुआ। उसने महिला का सौदा करने वालों से बात की। उन्होंने इसी महिला के साथ रहने की बात की। उसे मुक्त कराने के बाद पुलिस ने मासूम पुत्री को भी मकान से मुक्त कराया और मां को सौंप दिया गया।
Updated on:
24 Nov 2019 10:38 am
Published on:
24 Nov 2019 10:38 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
