
लॉकडाउन का सदुपयोग: कृषि विवि तैयार कर रहा बाजरा के हाइब्रिड बीज
जोधपुर।
वैश्विक कोरोना महामारी में जन अनुशासन पखवाड़े में जहां सभी गतिविधियां थम सी गई है, वहीं कृषि विश्वविद्यालय लॉकडाउन समयकाल का सदुपयोग कर रहा है। विवि की ओर से पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल बाजरे की आगामी सीजन को देखते हुए बाजरा के एमपीएमएच-17 के हाइब्रिड (संकर) बीज तैयार किए जा रहे है। जो किसानों को अगले माह में वितरण किए जाएंगे। हाइब्रिड बीज निदेशक अनुसंधान सीताराम कुम्हार की देखरेख में कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए बीज तैयार किए जा रहे है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित फार्म पर करीब 6 हेक्टेयर में उन्नत हाइब्रिड बीज तैयार किए जा रहे है। यह किस्म पश्चिमी राजस्थान के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अधिक उत्पादन देने में सक्षम है। इस किस्म का सिट्टा बालोंयुक्त तथा दाना पीला-भूरा गोलाकार होता है, जो खाने में स्वादिष्ट होता है।
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हाईब्रिड बीज में अधिक तापमान सहन करने की शक्ति
- इस किस्म के दोनो पैतृकों (नर व मादा) में अधिक तापमान सहन करने की शक्ति है।
- इस किस्म में राजस्थान के देशी बाजरी के सभी गुण विद्यमान है।
- पक्षियों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए रोयेंदार सिट्टें होते है।
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अगले माह किसानों को वितरण
विवि की ओर से विकसित बाजरा की हाइब्रिड किस्म एमपीएमएच-17 अच्छा उत्पादन दे रही है। यह पश्चिमी राजस्थान की जलवायु के अनुकूल है। हाइब्रिड बीज की बिंजाई कर ली गई है, अगले माह के पहले सप्ताह में किसानों को बीज वितरण शुरू कर देंगे।
डॉ एमएल मेहरिया, प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर बाजरा परियोजना
कृषि विवि
Published on:
07 May 2021 05:16 pm
