
नाक के पास ट्रांजिस्टर ले जाने पर बताएगा श्वसन दर
जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT Jodhpur) ने ग्रीन इलेक्ट्रॉनिक्स (Green Electronics) को बढ़ावा देते हुए जिलेटिन युक्त बायोडिग्रेडेबल ट्रांजिस्टर (Biodegradble tranisitor) बनाया है जो ब्रीथ एनालाइजर के तौर पर काम करता है। जिलेटिन नमी के प्रति अधिक संवेदनशील होता है। ऐसे में ट्रांजिस्टर को नाक के पास ले जाने मात्र से ही वह रियल टाइम श्वसन दर बता देता है।
आइआइटी जोधपुर के फ्लेक्सिबल लार्ज एरिया माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स (FLAME) ग्रुप की ओर से यह डिवाइस विकसित की गई है। फ्लेम ग्रुप से जुड़े रिसर्च स्कॉलर विवेक रघुवंशी ने बताया कि ट्रांजिस्टर में प्राकृतिक प्रोटीन जिलेटिन का उपयोग किया गया है। इसमें अमीनो एसिड का एक अद्भुत प्रोफाइल होता है जो ऑर्गेनिक फील्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर पर बेहतरीन कार्य करता है। ट्रांजिस्टर पर इस तरह की सर्किट एप्लीकेशन लगाई गई है जो स्वास्थ्य मानकों की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकती है। शुरुआती तौर पर इससे श्वसन दर मापी जा रही है। भविष्य में इससे अन्य मानक भी तय किए जा सकेंगे। हाल ही में इस शोध को अमेरिकन केमिकल सोसायटी के एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स मेटेरियल्स जर्नल ने प्रकाशित किया है।
यह है फ्लेम ग्रुप
फ्लेम ग्रुप, आइआइटी जोधपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के शोधकत्र्ताओं का है जो बायोडिग्रेडेबल ग्रीन इलेक्ट्रोनिक्स पर शोध करते हैं।
तेजी से रेस्पांस देते हैं जिलेटिन ट्रांजिस्टर
आद्रता की उपस्थिति में जिलेटिन ट्रांजिस्टर बेहतरीन परिणाम देते हैं जो मानव स्वास्थ्य के प्रोटोटाइप के तौर पर काम आ सकते हैं।
प्रो. श्रीप्रकाश तिवारी, अध्यक्ष, फ्लेम ग्रुप, आइआइटी जोधपुर
Published on:
29 Oct 2020 08:33 am
