डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में खत्म हुए आईएल-6 टेस्ट के किट

कोरोना संक्रमण के भर्ती गंभीर मरीजों के लिए जरूरी है टेस्ट

By: Jay Kumar

Published: 13 Apr 2021, 08:05 PM IST

जोधपुर. कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे के साथ अस्पतालों में मरीजों का भार बढऩे लगा है। कई गंभीर मरीज वेंटिलेटर व ऑक्सीजन पर हैं। इधर, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में संक्रमित मरीजों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को जानने के लिए महत्वपूर्ण टेस्ट आईएल-६ (इंटर ल्यूकिन) के किट खत्म हो गए हैं। इस टेस्ट का किट आरटीपीसीआर से भी कम दर का है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज इसकी खरीद नहीं कर रहा। जबकि गत वर्ष सितंबर नवंबर में बायोकेमेस्ट्री विभाग ने जमकर ये टेस्ट किए थे और कई मरीजों को इसका फायदा मिला था।

सीआरपी टेस्ट में भी केवल पॉजिटिव व नेगेटिव बताया जा रहा है। यहां भी किट के अभाव में मरीजों को वैल्यू नहीं बताई जा रही है। एमजीएच में डी-डीमर टेस्ट नहीं हो रहा है। इस बारे में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. जीएल मीणा से संपर्क साधना चाहा, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

इसलिए जरूरी आइएल-6 टेस्ट
कई मरीज कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित होते हैं। हालत ऐसी होती है कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। इसके अलावा बढ़े हुए सीटी स्कोर और बुजुर्ग मरीजों की भी इससे जांच की जाती है। सही दवा व उपचार न मिलने से कई दफ ा ऐसे मरीज दम तोड़ देते हैं। इस टेस्ट के जरिए पता चल जाता है कि शरीर में संक्रमण का स्तर कितना है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी पता इस टेस्ट के जरिए लगाया जाता है। इसी टेस्ट से कोरोना पिक्चर व निमोनिया का असर भी जाना जाता है। संबंधित दवा व इंजेक्शन से मरीज को ठीक करने का प्रयास किया जाता है। रेमडेसिवीर इंजेक्शन लगाने से पहले और बाद में भी आइएल-६ जांच की जाती है।

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