
छोटी खानों और आखलियों में स्टोन कटिंग यूनिट पत्थरों के साथ काट रहे सरकारी नियम
जोधपुर. खान विभाग की ओर से खानधारकों को आवंटित जोधपुरी पत्थर की छोटी खानों (क्वारी लाइसेंस) में लंबे समय से नियम विरुद्ध स्टोन कटिंग का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसके अलावा, तहसीलदार की ओर से जारी आखलियों में भी स्टोन कटिंग की जा रही है।
प्रदूषण व बीमारियां फैला रहे
विभाग की ओर से सूरसागर, चौपड़, फिदूसर, बालसमंद आदि क्षेत्रों में सैंकड़ों छोटी खानें चल रही हैं। खान का आवंटन खनन करने की शर्त पर किया जाता है। खानधारक नियमों को दरकिनार कर स्टोन कटिंग भी कर रहे हैं। इससे इन क्षेत्रों में प्रदूषण तथा इन इकाइयों की वेस्ट व स्लरी से सिलिकोसिस जैसी बीमारियां फैल रही हैं। इसके अलावा पर्यावरण विभाग की ओर से इन कटिंग यूनिटों को जारी संचालन व पर्यावरणीय स्वीकृति भी संदेह के घेरे में है।
आखलियों में भी चल रही इकाइयां
शहर में कई जगह पत्थर स्टॉक (आखलियां) के लिए जमीन दी गई थी। राजस्व विभाग की ओर से शर्त रखी गई थी कि इनमें पक्का निर्माण नहीं होगा और न ही इनमें स्टोन कटिंग का काम होगा। लेकिन अधिकांश आखलियों पर पक्के निर्माण हो गए हैं। इन आखलियों में स्टोन कटिंग भी की जान रही है।
कौडिय़ों के दाम में कर रहे बिजनेस
खानधारक और आखली वाले नाम मात्र की राशि देकर लाखों का बिजनेस कर रहे है। प्रत्येक क्वारी लाइसेंस के लिए खानधारक 9735 रुपए वार्षिक किराया खान विभाग में जमा करवाते हैं। जबकि प्रत्येक आखली के लिए राजस्व विभाग में प्रतिमाह 50-100 रुपया किराया दिया जाता है। लोकायुक्त को शिकायतशहर में क्वारी लाइसेंस व आखलियों में चलने वाली स्टोन कटिंग इकाइयों के बारे में लोकायुक्त को शिकायतें भेजी गई। शिकायतकर्ता महेन्द्र बोहरा के अनुसार खान और आखलियों में चलने वाली स्टोन कटिंग मशीन से निकलने वाली स्लरी व वेस्ट खुले स्थानों पर डाला जा रहा है। इससे पर्यावरण व भूजल को भारी नुकसान हो रहा है।
जागे विभाग
खान विभाग और राजस्व विभाग ने दोषियों के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए हैं। खान विभाग ने 131 क्वारी लाइसेंस धारकों और तहसीलदार की ओर से करीब 106 आखली संचालकों को नोटिस दिए गए हैं।
Published on:
24 Jun 2018 04:01 pm
