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जोधपुर शहर के दक्षिणी जोन में पग-पग पर जमीन कब्जा रहे अतिक्रमी

बासनी क्षेत्र के हर व्यस्ततम चौराहे के हालात बद से बदतर

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एक दशक से अतिक्रमण लोगों के लिए सिरदर्द बन गया, जिम्मेदार रहे मौन
बासनी (जोधपुर). कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड और उसके बाद आसपास निगम क्षेत्र में अतिक्रमण पसर कर सड़क पर आ चुका है लेकिन इसे रोकने वाले हाथों पर जंग लग गया है। इससे यहां की चाहे मुख्य सड़क हो या इंटरनल सभी सड़कों पर 5 से 15 फुट तक दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा कर दिया है। जेडीए की ओर से झालामंड सर्किल और झालामंड गांव में पिछले कई दिनों से कार्रवाई में मुख्य सड़कों पर दुकानों के आगे रखे टीन शैड और सामान हटाया तो सड़क की मानों बाहें खुल गईं। कुछ ऐसी ही उम्मीद कुड़ी और बासनी क्षेत्र में लोग लगाए बैठे हैं। यहां भी पिछले एक दशक से आबादी बढऩे के साथ सड़कों पर अतिक्रमण भी बढ़ते गए। इन पर नकेल कसने वाले जिम्मेदार लंबी नींद में हैं कि यहां कार्यकारी एजेंसी पंचायत हो या नगर निगम सभी ने आंखें मूंद रखी है। सड़क इतनी संकरी हो गई है कि शाम को 7 बजे के बाद कई सड़कों से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इन संकरी सड़कों पर चलने वाले वाहनों के साथ राहगीरों की चाल भी सुस्त पड़ जाती है। दूसरी तरफ इन सड़कों पर जमा मिट्टी वाहनों के चलने से उड़ती रहती है जो लोगों के घुटन की कारण बन रही है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते यहां के स्थानीय लोगों ने इस परेशानी को झेलने की आदत सी बना ली है। अतिक्रमण का विरोध करने के बजाय स्थानिय जिम्मेदार भी समर्थन ही कर रहे हैं। ऐसे में अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

2 लाख की आबादी भुगत रही है अतिक्रमण का दंश
बासनी क्षेत्र में 2 लाख लोग सड़कों पर अतिक्रमण का दंश भुगत रहे हैं। यहां की 30 से ज्यादा कॉलोनियों में आवाजाही के लिए बनी सड़कों पर जहां जहां दुकानें बनी हुई हैं वहां 10 फुट तक टीन शैड और सामान रख जगह को घेर लिया। इससे यहां सिटीबस भी बड़ी मुश्किल से निकलती है। इस कारण से बीआरटीएस की लो फ्लोर बसों का यहां चलना एक सपना बन कर रह गया है। जिससे लोगों को सार्वजनिक यातायात की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लो फ्लोर बसें सिर्फ मुख्य मार्गों तक ही सिमट कर रह गई हैं। सड़कें संकरी होने से बीआरटीएस बसों को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए कोई जनप्रतिनिधि भी पहल नहीं कर रहे हैं।

कार्रवाई के बाद फिर हो जाते हैं अतिक्रमण
एक बार प्रशासन की ओर से अतिक्रमण की कार्रवाई करने के बाद अतिक्रमी कुछ समय रूकने के बाद फिर उसी जगह काबिज हो जाते हैं। उसके बाद संबंधित कार्यकारी एजेंसी की ओर से सिर्फ नोटिस देकर इतिश्री कर ली जाती है जबकि अतिक्रमी इसी तरह प्रशासन के साथ आंख मिचौनी का खेल खेलते हैं। हाउसिंग बोर्ड ने सैकड़ों नोटिस कुड़ी भगतासनी के कई दुकानदारों को दिए लेकिन वहां महज क्रॉस लगाकर छोड़ दिए जाते हैं। उसके बाद एक आध जगह कार्रवाई भी होती है लेकिन वह सिर्फ दिखावे के लिए। इसलिए अतिक्रमियों को इस फौरी कार्रवाई से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हाउसिंग बोर्ड को अपने क्षेत्र में जेडीए और निगम से तालमेल बिठा कर निरंतर कार्रवाई कर आदतन अतिक्रमियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

चार दुकान: थाने के चंहुओर फैला अतिक्रमण का जाल
यहां पर भी अतिक्रमण से चौराहा बदहाल नजर आया। कहने को तो निगम की ओर से भले ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यहां पर अभी तक निगम की कार्रवाई का कोई खास असर नहीं आया है। ऐसे में सड़क सीमा तक केबिन व सब्जी का व्यवसाय करने वालों ने कब्जा कर लिया है। कई जगहों पर झोंपड़े बनाकर मिट्टी के बर्तन बेचने का व्यवसाय भी किया जा रहा है। वहीं पुलिस थाने के सामने ही चाट-पकौड़ों के ठेलों से चौराहा संकरा नजर आ रहा है। यहां यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने की जरूरत है।

मधुबन चौराहा- अतिक्रमण से अव्यवस्थित यातायात
मधुबन चौराहे पर आते ही वाहन व चालक दोनों हांफ जाते हैं। यहां अतिक्रमण की समस्या नासूर बनती नजर आ रही है। कुड़ी से मधुबन को आने वाले मार्ग पर अतिक्रमण ही अतिक्रमण नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर दुकानदारों की ओर से चबूतरियां बना दी गई है, तो कहीं पर ज्यूस का व्यवसाय करने वालों ने कुर्सियां रखकर सड़क पर अतिक्रमण करना शुरु कर दिया है। निगम के जिम्मेदारों ने इस चौराहे पर अपनी मेहरबानी बनाई रखी है। यही वजह है कि यहां अतिक्रमण हटवाने के लिए लोगों की शिकायतों पर भी निगम आंख-कान बंद ही किए हुए है।

कुड़ी हाउसिंग बोर्ड: गली में तब्दील हुई सड़क
जिम्मेदारों की अनदेखी से यहां से संचालित होने वाले व्यवसाय हो या मौके पर बने मकान, जिसको जितनी जगह मिली अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया। परिणामस्वरुप चौराहों का स्वरुप ही बिगड़ा नजर आया। वैसे तो पूरे कुड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण विकट समस्या है, लेकिन अतिक्रमण से सबसे ज्यादा परेशानी सेक्टर 1, 2 व 6 सेक्टर से गुजरने पर उठानी पड़ रही है। सेक्टर 2 में कई जगहों पर सड़क को गली में तब्दील कर दिया गया है। रही सही कसर दुकानदारों ने पूरी कर दी। ऐसे में इन पर कोई कार्रवाई नहीं होने से यहां से गुजरने वाले राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर 6 में भी कमोबश यही स्थिति नजर आई।

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