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जोधपुर में जहां जमे शिव वही नाम हो गया

सूर्य नगरी के शिवालय- 6
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जोधपुर में जहां जमे शिव वही नाम हो गया

जोधपुर में जहां जमे शिव वही नाम हो गया

सृष्टि के कण-कण में व्याप्त भगवान शिव को जोधपुर के भक्तों ने कई अनूठे नाम दिए हैं जैसे भोलेनाथ की महिमा वैसे भोले के नाम ।कोई आशुतोष चंद्रमौली तो कोई शंकर पिनाकपानी या महादेव कहता है। हर नाम का आधार बना है भगवान शिव का गुण या विराजित स्थल । ऐसे ही कुछ अनूठे नाम वाले शंकर सूर्य नगरी में विराजित है । तार घर के पास भारतीय संचार निगम लिमिटेड के मुख्यालय प्रवेश द्वार के बाहर बने शिवालय को दूरसंचार कर्मियों ने दूरसंचारेश्वर नाम दिया है । प्रताप नगर स्थित बिजलीघर कार्यालय परिसर के अहाते में बने शिवालय को बिजली घर कर्मचारियों ने विद्युतेश्वर नाम दिया है ।इसी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले फिल्टर हाउस के बाहर बने शिवालय की पहचान जलेश्वर महादेव के नाम से है । करीब पांच दशक पूर्व बसी प्रताप नगर कॉलोनी के प्रथम शिवालय का नाम भी क्षेत्र के आधार पर ही प्रतापेश्वर महादेव रखा गया है। रेलवे लोको कॉलोनी में भगवान महादेव को लोकेश्वर तो रेलवे वर्कशॉप के बाहर श्रमिकों की ओर से निर्मित श्रमिकेश्वर और गीता भवन के पास पीपल के नीचे पीपल के पेड़ के नीचे पीपलेश्वर रखा है। जालोरी बारी स्थित बड़ के पेड़ के नीचे विराजित महादेव बडलेश्वर और खांडा फालसा दूध के चोहटे पास विराजित शिव को दूधेश्वर कटला बाजार स्थित कुंज बिहारी मंदिर मंदिर में जमीन लेवल से 25 फुट नीचे गहराई में पातालेश्वर नाम दिया गया है

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