
सुबह नर्सेज ने रखा स्वागत कार्यक्रम और शाम को नए आदेश देख बैठ गए धरने पर
जोधपुर. नर्सिंग कार्मिकों की 2018 से लंबित 12000 पदों की सीधी स्थाई भर्ती को पूर्ण करने व इच्छित गृह जिले में मूल पदस्थापन करने एवं नर्सिंग संवर्ग का पदनाम नर्सिंग ऑफि सर करने के उपलक्ष में जोधपुर जिले के नर्सिंग कार्मिकों ने सोमवार सुबह उम्मेद चिकित्सालय के ऑडिटोरियम में विधायक मनीषा पंवार को बुलाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताया। वहीं शाम को ऑनलाइन पदस्थापन स्थगिम देख नर्सिंग धरने पर बैठ गए। इस कार्यक्रम में नर्सेज ने राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने सुबह कार्यक्रम में मेडिकल प्रधानाचार्य डॉ. एसएस राठौड, उम्मेद चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. रंजना देसाई, एमडीएम अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी, एमजीएच अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा सहित अन्य अतिथियों को स्वागत कार्यक्रम में शामिल किया था।
दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ( अराजपत्रित) मुकुल शर्मा ने आदेश निकाला कि अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग का पर्याप्त अनुभव न होने के कारण वे ठीक प्रकार से विकल्प नहीं प्रस्तुत कर सके। इस कारण कइयों का पदस्थापन अन्य जिलों में हो गया। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर ऑनलाइन काउंसलिंग के उपरांत पदस्थापन आगामी आदेशों तक स्थगित किया जाता है। ये आदेश पाने के बाद राजस्थान नर्सेज संघर्ष भर्ती के अध्यक्ष जगदीश जाट ने मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में नर्सेज को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आदेश वापस लिए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नर्सेज रिलीव हो चुके है। धरने में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जिलाध्यक्ष पीयूष ज्ञानी, नर्सेज नेता महिपाल कुड़ी, रामनारायण विश्नोई, सूर्या चौधरी सहित कई मौजूद थे। जाट ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राठौड़ को चिकित्सा मंत्री व निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। पदस्थापन स्थगित करने पर नाराजगी जताई।
Published on:
02 Aug 2021 11:05 pm
