
इंटरनेट से घर पर ही सारी एसेसरीज ऑपरेट करने का बढ़ा क्रेज
जोधपुर. आप घर में घुसे हैं और अंधेरा है। सबसे पहले स्वीच ढूंढते हैं। लेकिन कैसा हो कि आपके घर में घुसने ही आहट से ही लाइट जल उठे, पंखे भी चल जाएं। यह अब जोधपुर में भी संभव हो सकता है। इसे कहते हैं इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानि कि आइओटी। मेट्रो सिटी में यह कल्चर काफी पहले आ चुका है।
लेकिन अब जोधपुर जैसे शहरों में भी इसका चलन बढ़ रहा है। आइओटी तकनीक पर हमने कई अस्पतालों और बड़ी होटल्स के दरवाजे ऑपरेट होते देखे हैं। हमारी आहट से ही ये दरवाजे खुलते हैं और बंद भी हो जाते हैं। अब एेसा ही सिस्टम यदि हमारे घर के उपकरणों के लिए भी लागू हो रहा है। इस तकनीक पर काम करने के लिए कई विशेषज्ञ जोधपुर में आ चुके हैं। कई बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट को इसी थीम पर बना रही है।
क्या है आइओटी
आइओटी तकनीक के आधार पर हमारी दिनचर्या को सरल बनाने का तरीका है। इस तकनीक पर काम करने वाले मनीष पुरोहित बताते हैं कि जब भी हम घर से निकलते हैं और कई बार ए.सी, लाइट या गीजर बंद करना भूल जाते हैं। इन सभी उपकरणों पर आइओटी के सहारे हम अपने मोबाइल से कंट्रोल कर सकते हैं। इन उपकरणों को बंद या चालू भी दूर बैठे ही कर सकते हैं।
बड़े समूह से लेकर घर तक
यह तकनीक बड़े औद्योगिक समूह और फैक्ट्रियों से लेकर घरों तक भी फिट बैठती है। कई बडे़ शहरों में घरों में भी यह तकनीक अपनाई जा रही है। फिलहाल यह प्रणाली बाहर की कंपनियों की ओर से प्रोवाइड करवाई जा रही है, इसलिए महंगी है।
कुछ सावधानियां भी जरूरी
आइओटी तकनीक में कुछ सावधानियां जरूरी है। यह तकनीक पूरी तरह से इंटरनेट पर संचालित है। एेसे में या तो हर उपकरण के लिए अलग से इंटरनेट सिम या वाई-फाई तकनीक का उपयोग होना जरूरी है। लेकिन यह नेटवर्क उपयोग में लेते समय हैकिंग का खतरा है। एेसे में एक से अधिक नेटवर्क का उपयोग करने से बचना चाहिए।
कुछ हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में लागू
यह तकनीक कुछ हाउसिंग प्रोजेक्ट में लागू हुई है। जोधपुर के एक निजी बिल्डर्स समूह के साथ कुछ होटल्स ने भी यह तकनीक शुरू की है। एसी और गीजर बनाने वाली इलेक्ट्रोनिक कंपनी भी इस तकनीक में आगे आई है।
Published on:
09 Feb 2020 12:33 pm
