
जोधपुर. जोधपुर में मच्छरजनित बीमारी डेंगू वायरस के मामले बढऩे लगे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी बढ़ते डेंगू के मामले को लेकर चिंता बढऩे लगी है। गत दस दिनों से जोधपुर में डेंगू के 15 केस सामने आ चुके हैं। स्थानीय निकाय से चर्चा के बाद जोधपुर में जल्द प्रशासन फोगिंग भी करवा सकता है, कोरोना के केस कम होने के कारण विभाग ने अब फोगिंग कराने का निर्णय लिया है। साल 2021 में अब तक जोधपुर में 35 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं।
सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा ने स्वयं माना है कि जोधपुर में डेंगू केस सामने आने लगे हैं और मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जहां मच्छर ज्यादा हैं, वहां फोगिंग कराने का प्रयास होगा। जिन क्षेत्रों में अब लार्वा मिलेंगे, वहां एंटी लार्वल गतिविधियां कराई जाएगी। सीएमएचओ डॉ. मंडा ने कहा कि लोग घरों में निरंतर साफ पानी को साफ करते रहे। साफ पानी लंबे समय तक जमा न होने दें। डेंगू केस उन्हीं जगहों से आ रहे हैं, जो लोग पानी को इकट्टा कर छोड़ देते हैं। अभी तक की सूचना अनुसार जोधपुर में प्रतापनगर, बासनी सहित कुछ इलाकों से केस सामने आए हैं। वहीं कोरोना के चलते लंबे समय से मेडिकल कॉलेज डेंगू रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेज रहा था, ये रिपोर्ट भी अब स्वास्थ्य विभाग को मिलने लगी हैं।
5 हजार गम्बुसिया मछलियां छोड़ी
जिले भर में स्वास्थ्य विभाग ने इस सीजन में 5 हजार गम्बुसिया मछलियां छोड़ी है। ताकि वे मच्छरों को खाकर खत्म कर सके। शहर के विभिन्न स्थाई जलस्रौतों में गम्बुसियां मछलियां छोड़ी गई हैं। वहीं विभाग ने अभी तक चिकनगुनिया का एक भी केस रिकॉर्ड नहीं किया है। वहीं कार्ड टेस्ट से डेंगू पॉजिटिव आने वाले रोगियों की संख्या 4 सौ के बाहर हैं, इन मरीजों को प्लेटलेट्स भी चढ़ चुकी हैं।
Published on:
05 Sept 2021 11:49 pm
