
Now Air Force india and america will do joint military exercise
जोधपुर. भारतीय वायु सेना भारतीय सशस्त्र बलों का हवाई बल है। भारतीय वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करना और संघर्ष के दौरान हवाई युद्ध का संचालन करना है। 8 अक्टूबर 1932 को इसकी आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश साम्राज्य के एक सहायक वायु सेना के रूप में स्थापना की गई थी। आजादी के बाद भारतीय वायुसेना ने पड़ौसी देश चीन के साथ एक व पाकिस्तान के साथ चार युद्धों में अपना योगदान दिया है। इसके अलावा भारतीय वायुसेना की ओर से किए गए ऑपरेशनों में ऑपरेशन विजय - गोवा का विलय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस व ऑपरेशन पूमलाई प्रमुख हैं। भारत के राष्ट्रपति वायु सेना के कमाण्डर इन चीफ के रूप में कार्य करते हंै। वायुसेना की स्थापना होने के कारण 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है।1965 के युद्ध के बाद देश की सामरिक नीतियों में राजस्थान के एयरबेस को मजबूत करने का फैसला लिया गया था। इसके तहत ही जैसलमेर, फलौदी व जोधपुर आदि एयरबेस विकसित हुए है। पूर्व में जोधपुर एयरबेस फ्लाइंग टे्रनिंग बेस की तरह इस्तमाल में लिया जाता था लेकिन इसके विकास होने के बाद यहां अब सुखोई आदि आधुनिक एयरक्राफ्ट भी हैं।
देश की गौरव व रक्षा करने वाली वायुसेना के स्थापना दिवस पर वायुसेना से जुड़े अधिकारियों से बातचीत के प्रमुख अंश :-
उन्नत तकनीक हमारी ताकत
भारतीय वायु सेना विश्व में चौथे स्थान पर गिनी जाती है। वायुसेना में आधुनिक विमानों को शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही देश की युवा पीढ़ी को अधिकाधिक इससे जुडकऱ देश की उन्नति में अपना योगदान देना चाहिए। युवा पीढ़ी की नई सोच और तकनीकी ज्ञान हमारी सेनाओं को और अधिक मजबूत करने में कारगर साबित होगी। हमारे समय में चेतक व चीता आदि हेलिकॉप्टर हुआ करते थे। जिन्हें अब आधुनिक व तकनीक से लैस नए वायुयानों ने जगह ले ली है। इससे हमारी वायुसैनिकों का हौसला बढ़ रहा है।
- सम्पतराज शर्मा, पूर्व वायुसेना अधिकारी
युवा पीढ़ी आगे आए
देश की युवा पीढ़ी को भारतीय वायुसेना से जुडकऱ अपना योगदान देना चाहिए। वायुसेना में भर्ती होने के लिए युवाओं का 10+2 होना अनिवार्य है। साइंस व मैथ्स बैकग्राउण्ड में 70 प्रतिशत वाले युवा इसके लिए योग्य माने जाते हैं। इसके लिए वायुसेना समय-समय पर भर्ती रैलियां निकालता रहता है। इसके लिए सर्वप्रथम एप्लिकेशन मांगी जाती है, फिजिकल चेेकअप, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आदि प्रक्रियाओं के बाद ऑल इंडिया लेवल पर मेरिट लिस्ट बनती है। छात्रों को भारतीय वायुसेना से जुडऩे की कोशिश करनी चाहिए।
- हनुमान सिंह राठौड़, पूर्व वायुसेना अधिकारी
वायुसेना कर रही है उन्नति
भारतीय वायुसेना अपने सतत प्रयासों से आज दुनिया के चौथे स्थान पर है। उम्मीद है कि आगे चलकर यह दुनिया के पहले पायदान पर पहुंचे। इसकी लगातार उन्नति से देश की सुरक्षा को ही फायदा है। हमें गर्व है कि हमने इसमें अपना योगदान दिया है। वायुसेना न केवल तकनीकी तौर पर आगे बढ़ी है बल्कि इसमें वेतन वृद्धि होने से बेहतर सेवाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। मिग, सुखोई और तेजस आदि वायुयानों ने वायुसेना की तस्वीर ही बदल दी है। नए एयरक्राफ्ट्स आने से वायुसैनिकों का हौसला और बुलंद हुआ है।
- कल्याण सिंह भाटी, पूर्व वायुसेना अधिकारी
पहली पंक्ति में हैं हम
अमरीका व जापान सीरखे देशों की तरह हमारी वायुसेना भी किसी से कम नहीं है। आज हमारी वायुसेना मेहनत और तकनीक के बल पर पहली पंक्ति में गिनी जानी लगी है। किसी भी प्रतिस्पर्धा में हम किसी से पीछे नहीं हैं। वायुसेना में और सुधार के लिए टेक्निकल और नॉन टेक्निकल भर्तियों में अच्छे व होनहार बच्चों की नियुक्तियां की जानी चाहिए। इसके साथ ही टे्रनिंग पर अधिकाधिक जोर देने की जरूरत है। आधुनिक तकनीकी टे्रनिंग से देश की युवा पीढ़ी हमारे सशस्त्र बलों को बहुत कुछ योगदान दे सकती है।
- चंद्राराम विश्नोई, पूर्व वायुसेना अधिकारी
महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
भारतीय वायुसेना सशस्त्र बलों में अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ भूमिका निभा रही है। इसकी उत्पत्ति भले ही जल व थल सेना के बाद हुई हो लेकिन इसने विविध उपकरणों व आधुनिक तकनीक के माध्यम से हर जगह अपना कीर्तिमान स्थापित किया है। आज नए लड़ाकू विमान सुखोई, एलपीए, मिराज, जैगूआर, हरक्यूलीज व बोइंग आदि विमानों ने वायुसेना का वर्चस्व मजबूत किया है। इसमें महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाना एक सराहनीय कदम है। वहीं वायुसैनिकों की टे्रनिंग में आधुनिकरण होना एक अच्छा संकेत है।
- हरि सिंह भाटी, पूर्व वायुसेना अधिकारी
Updated on:
08 Oct 2018 11:44 am
Published on:
08 Oct 2018 11:44 am
