
भारत-फ्रांस वायुसेना अभ्यास : विदेशों में जमेगी प्रचंड की धाक, पहली बार उतरा युद्धाभ्यास
जोधपुर. स्वदेशी तकनीक से विकसित हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड (LCH) पहली बार युद्धाभ्यास में उतरा है। भारतीय वायु सेना ही नहीं, बल्कि विदेशी अथाZत फ्रांस (France airforce) की वायु सेना भी प्रचंड की ताकत से रूबरू होगी। इससे भारतीय वायु सेना की धाक और बढ़ने वाली है। हाल ही में भारतीय वायुसेना (Indian airforce) के बेड़े में शामिल प्रचंड की ताकत किसी युद्धाभ्यास में आजमाने का यह पहला मौका है।
हल्के लड़ाके हेलिकॉप्टर की पहली स्क्वाड्रन जोधपुर एयरबेस पर तैनात की गई है। यह रेगिस्तानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक में दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देने में माहिर है। भारत की सामरिक जरूरतों को देखते हुए ही इसे तैयार किया गया है। जोधपुर में तैनाती से भारतीय वायुसेना को ताकत मिली है।
फ्रांसीसी पायलट भी आजमाएंगे ताकत
भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु व अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) का संयुक्त वायुसेना अभ्यास गरुड़ का सातवां संस्करण जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर चल रहा है। इस दौरान फ्रांसीसी पायलट प्रचंड उड़ाकर उसकी ताकत आजमाएंगे। हेलिकॉप्टर की खूबियों के कारण भारतीय वायुसेना की धाक विदेशों में जमेगी। फ्रांसीसी वायुसेना के अधिकारी प्रचंड की उड़ान का अनुभव लेकर जाएंगे।
युद्धाभ्यास जारी
भारत और फ्रांस की वायुसेना का युद्धाभ्यास जारी है। इसके तहत दोनों देशों की वायुसेना एक-दूसरे की ताकत और हथियारों को परख रहे हैं। इस अभ्यास से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के अलावा पेशेवर बातचीत, अनुभवों के आदान-प्रदान और परिचालन ज्ञान में वृद्धि होगी। इससे पूर्व भी दोनों देशों के बीच छह बार अलग-अलग जगह युद्धाभ्यास हो चुके हैं।
Updated on:
30 Oct 2022 09:53 pm
Published on:
30 Oct 2022 09:51 pm
