
पैरोल से फरार इनामी कैदी चार साल बाद कोलकाता में पकड़ा
जोधपुर.
हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटने के दौरान पैरोल पर छूटने के बाद चार साल से फरार दो हजार रुपए के इनामी कैदी को बासनी थाना पुलिस की टीम ने कोलकाता के पास से पकड़ लिया। वह नाम बदलकर कई राज्यों में रह चुका था और शराब तस्करी में झारखण्ड व बिहार का मोस्टवांटेड बन गया था।
पुलिस के अनुसार बासनी थानान्तर्गत संजय कॉलोनी निवासी सवाईसिंह (३२) पुत्र गजेसिंह हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। वर्ष २०१५ में वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वह जेल लौटने की बजाय भाग निकला था। रातानाडा थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। तलाश के बावजूद वह पकड़ में नहीं आया था। इस बीच, मोबाइल के आधार पर तकनीकी जांच में उसकी लोकेशन कोलकाता आई। रातानाडा थाने से एएसआइ मोहरसिंह व कांस्टेबल तसलीम को कोलकाता भेजा गया। वहीं, इनकी मदद के लिए बासनी थाने से एसआइ भंवरसिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल तेजाराम, कांस्टेबल कैलाश राजपुरोहित व श्यामलाल को भी वहां भेजा गया।
तकनीकी आधार पर लोकेशन लेने के बाद काफी तलाश के बाद एसआइ भंवरसिंह की टीम ने उसे कोलकाता के समीप हुगली जिले में डानकुनी कस्बे में लुधियाना ढाबा से पकड़ लिया। उसे बुधवार को जोधपुर लाकर गिरफ्तार किया गया। उसे गुरुवार को दुबारा हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा।
हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ तो अधिकारियों को बुलावा
हत्या के मामले में सवाईसिंह को आजीवन कारावास की सजा हो रखी है। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन उसकी सुनवाई से पहले ही वह पैरोल से फरार हो गया था। उसके पेश न होने पर कमिश्नरेट के अधिकारी हाईकोर्ट में पेश हुए थे। सवाईसिंह को पेश करने के आदेश दिए गए थे।
मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त, मोस्टवांटेड बना
पैरोल से फरार होने के बाद सवाईसिंह पंजाब, गुजरात, झारखण्ड, बिहार व पश्चिम बंगाल में छुपता रहा। उसने नाम बदल विक्रम उर्फ विक्की रख लिया था। वह अफीम व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने लग गया था। वह बड़े स्तर पर शराब की तस्करी भी करने लग गया। बिहार व झारखण्ड में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। दोनों राज्यों का वह मोस्टवांटेड भी है।
Published on:
02 Jan 2020 12:35 am
