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संस्कृत शिक्षा स्कूलों में शिक्षकों को तत्काल पदस्थापित करने के निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
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जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को संस्कृत शिक्षा की स्कूलों में वर्षों से खाली पदों पर शिक्षकों को तत्काल पदस्थापित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षकों के पद खाली रहने से संस्कृत शिक्षा पर सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और ऐसे शिक्षक, जो किसी तरह स्थानीय जगह पर रहने के तरीकों और साधनों की तलाश कर रहे हैं, उन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता कानाराम व अन्य की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए महाधिवक्ता एमएस सिंघवी से अनुरोध किया कि अब तक पारित सभी आदेशों के आलोक में संस्कृत शिक्षा की स्कूलों के लिए सरकार उचित कदम उठाए। खंडपीठ ने कहा कि यह चिंताजनक स्थिति है, जहां शिक्षकों के पद खाली नहीं हैं, वहां अधिशेष शिक्षक काबिज हैं, जबकि कई स्कूलों में सालों से शिक्षक के पद खाली पड़े हैं। कोर्ट के हस्तक्षेप से जब अधिशेष शिक्षकों को रिक्त पद वाली स्कूलों में स्थानांतरित किया गया तो अधिकांश ने उसे या तो राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय ट्रिब्यूनल या हाईकोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दे दी। बाद में खंडपीठ ने ऐसी सभी याचिकाओं को जनहित याचिका के साथ ही सूचीबद्ध कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तिथि 10 मई मुकर्रर की है।

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