पढि़ए : आखिर जोधपुर में क्यों बनाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑडिटोरियम

सूर्यनगरी को पेट्रो-कैमिकल हब के रूप में विकसित करने की कवायद

 

By: Om Prakash Tailor

Published: 29 Jun 2020, 05:53 PM IST

जोधपुर. एक्सपोर्ट हब के रूप में पहचान बनाने के बाद अब आने वाले दिनों में पेट्रो-कैमिकल हब के रूप में भी जोधपुर का विकास होगा। इसीलिए यहां पर एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम की कवायद शुरू हुई है। खास बात यह है कि इसी प्रकार का ऑडिटोरियम तीसरी बार फाइलों में आएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के बाद पॉलिटेक्निक कॉलेज के ग्राउंड पर पहले से प्रस्तावित टैगोर कल्चरल कॉम्पलेक्स के ऑडिटोरियम के डीपीआर बनाने की प्रक्रिया रोक दी गई है। जोधपुर विकास प्राधिकरण की हाल ही सम्पन्न एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में इसका निर्णय किया गया। ऑडिटोरियम के स्थान पर अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाला नया कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए ज्यादा जमीन मांगी गई है।

इसलिए है महत्वपूर्ण
जोधपुर में पहले से ही एक्सपोर्ट इकाइयां और इनकी कॉन्फ्रेंस के लिए इस प्रकार के ऑडिटोरियम की जरूरत महसूस की जा रही थी। लेकिन अब पचपदरा रिफाइनरी व पेट्रो कैमिकल हब के कारण जोधपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई इवेंट होंगे।
तीसरी बार फाइल में आया ऑडिटोरियम
1. पहली बार विवेक विहार योजना में कंवेंशन सेंटर को साकार करने के प्रयास हुए। पांच साल से भी अधिक समय तक वह कागजों में अटका रहा। आखिर प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
2. टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स के रूप में पॉलिटेक्निक कॉलेज में दूसरी बार ऑडिटोरियम की फाइल चली। अब दूसरे चरण में डीपीआर भी रोक दी गई।
3. अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ऑडिटोरियम पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए 1 करोड़ की राशि डीपीआर बनाने के लिए प्रस्तावित है।
इनका कहना ...
पुराना ऑडिटोरियम रोक लिया गया है। अब सीएम के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑडिटोरियम बनाने के प्रयास कर रहे हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज से और जमीन मांगी है।
मेघराजसिंह रतनू, आयुक्त, जोधपुर विकास प्राधिकरण

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