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बंद कमरे में हरीपुर से गुडिय़ा स्टेशन तक दौड़ी ट्रेन!

भगत की कोठी डीजल शेड के बंद कमरे में सोमवार को मारवाड़ जंक्शन-अजमेर खण्ड के बीच हरीपुर स्टेशन से ट्रेन रवाना हुई और कोहरे

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Shankar Sharma

Feb 09, 2016

Jodhpur photo

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जोधपुर
. भगत की कोठी डीजल शेड के बंद कमरे में सोमवार को मारवाड़ जंक्शन-अजमेर खण्ड के बीच हरीपुर स्टेशन से ट्रेन रवाना हुई और कोहरे व बरसात के मौसम में संचालन के अनुभव के साथ गुडिय़ा स्टेशन तक पहुंची। जी हां, अब आप सोच रहे होंगे कि बंद कमरे में ट्रेन कैसे संचालित हो सकती है। तो आपको बता दें कि भगत की कोठी डीजल शेड में देश का सबसे अत्याधुनिक लोको सिम्युलेटर स्थापित किया गया है, जिस पर उत्तर पश्चिम रेलवे के लोको पायलट व सहायक लोको पायलट्स को ट्रेन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सिम्युलेटर में पायलट्स को असली ट्रेन संचालन जैसा अनुभव होगा। सोमवार को इस सिम्युलेटर का रेलवे बोर्ड मैम्बर (मैकेनिकल) हेमंत कुमार ने उद्घाटन किया।


हेमन्त कुमार ने कहा कि सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने से रेलचालकों को लोको संचालन में सहूलियत रहेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। इस दौरान हेमन्त कुमार ने डीजल शेड का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर जोधपुर मण्डल रेल प्रबंधक राहुल कुमार गोयल, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर भूषण पाटिल, मुख्य भंडार नियंत्रक वीके जैन, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर डीजल मनीष राजवंशी समेत कई रेलवे अधिकारी मौजूद थे।

वित्तीय स्थिति पर देना होगा ध्यान
रेल कर्मियों को यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए और वैश्विक मंदी के दौर में रेलवे की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ बनाने पर ध्यान देना होगा। ये विचार रेलवे बोर्ड के सदस्य यांत्रिक हेमंत कुमार ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सफ ाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। इसमें उच्च स्तर के मापदंड अपनाते हुए सुधार लाया जा सकता है। सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त हो रहे फ ीडबैक पर ध्यान देते हुए गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए।

मिलेगा हर मौसम में ट्रेन चलाने का प्रशिक्षण
सिम्युलेटर में मण्डारिया से सोजत रोड तक के रेलवे ट्रैक की वास्तविक वीडियोग्राफी कर लोड की गई है। साथ ही बरसात व कोहरे के समय ट्रेन संचालन की परिस्थितियों को भी शामिल किया गया है। इससे लोको पायलट को हर मौसम में ट्रेन संचालन का प्रशिक्षण व अनुभव मिल सकेगा। यह उन्नत तकनीक का पहला व दूसरा हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) लोको सिम्युलेटर (हुबली 2005 के बाद) है। ऑस्ट्रेलिया से मंगाए गए इस सिम्युलेटर की लागत 7 करोड़, 96 लाख, 89,333 रुपए है। देशभर में अलग-अलग तकनीक के ऐसे 12 सिम्युलेटर स्थापित किए जाने हैं।

सुविधाओं से लैस है सिम्युलेटर
हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) लोको कैब की वास्तविक प्रतिकृति/ समान है।
6 आयामी स्वतंत्र घूमने वाला एक गतिमान प्लेटफ ॉर्म
300 किमी. का कम्प्यूटर जनरेटेड वास्तविक ट्रेक मण्डारिया से सोजत रोड अप व डाउन
6 ट्रेनीज के लिए ऑब्जर्वर स्टेशन के न्द्रीकृत अनुदेशक स्टेशन
प्रशिक्षार्थियों के लिए आधुनिक सुविधा युक्त संयुक्त प्रशिक्षण कक्ष
सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण के फायदे
प्रशिक्षण के दौरान किसी दुर्घटना का खतरा नहीं सताएगा।
समयपालन व ईंधन बचत होगी।
लोको पायलट्स की लोको ट्रबल शूटिंग के ज्ञान में भी इजाफ ा होगा।
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