
SIR Update: सोर्स- (पत्रिका न्यूज)
SIR News: लॉजिकल एरर की समस्या छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी चल रही है। दरअसल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं के दस्तावेज की एंट्री जब सिस्टम के ऐप में की गई तो, लाखों मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ने से अटक गए। इनमें पिता-पुत्र के उम्र में अंतर (15 व 50 साल), दादा पोते के उम्र में अंतर(40), पिता का नाम सेम होना और 6 बच्चे वाले के पिता के नाम वाले मतदाताओं को संदिग्ध मानते हुए सिस्टम ने ही रोक दिया है। अब इन मतदाताओं को फोन के माध्यम से संपर्क कर, या फिर घर जाकर दस्तावेज सत्यापन कर जोड़ा जा रहा है।
लेकिन कम समय में लाखों मतदाताओं को नोटिस देना और घर जाकर दस्तावेज सत्यापन करना बड़ी चुनौती है। इसको लेकर अब सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने भी निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में हैं, इनकी सूची निकालकर चस्पा की जाए।
जिन मतदाताओं मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में थे, इन सभी मतदाताओं को इसकी जानकारी नहीं थीं। क्योकि इसकी जानकारी सिर्फ ऐप में थी, जो इसका संचालन कर रहे है वे ही देख पाते थे। वहां से लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं का नाम निकालकर उनसे संपर्क कर दस्तावेज सत्यापन कर नाम जोड़ा जा रहा था। लेकिन इस सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इसकी लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं की सूची बनाई जाएगी। फिर इसे तहसील, जोन, ग्राम पंचायत समेत अन्य पब्लिक जगहों पर चस्पा किया जाएगा। जिसमें मतदाता खुद जाकर अपना नमा इस सूची में है कि नहीं देख पाएंगे, साथ ही संबंधित अधिकारी को भी इसकी जानकारी होगी।
निर्वाचन से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में शामिल है। इनके नाम मतदाता सूची में ना ही अबतक जुडे है और ना ही काटे गए हैं। 14 फरवरी तक इन सभी के नाम नहीं जुड़ पाते तो सूची से कट हो जाएंगे। इसमें रायपुर जिले की संख्या 4 लाख 22 हजार है। वहीं इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए मतदाताओं को फार्म 6 भरना होगा, साथ ही 2003 से जुड़े 13 दस्तावेज में एक दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम जोड़ना होगा।
छत्तीसगढ़, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, गुजरात, गोवा, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु।
Updated on:
04 Feb 2026 09:02 am
Published on:
04 Feb 2026 09:01 am

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