
हमेशा जाग्रत अवस्था में रहते है जागनाथ महादेव,हमेशा जाग्रत अवस्था में रहते है जागनाथ महादेव,हमेशा जाग्रत अवस्था में रहते है जागनाथ महादेव
जोधपुर. चांदपोल के बाहर भूतेश्वर वन खण्ड की पहाडिय़ों पर करीब 300 साल प्राचीन शिवालय जागनाथ महादेव का जैसा नाम है वैसा ही उनका स्वरूप भी है। भक्तों की मनोइच्छा पूरी करने के लिए हमेशा जाग्रत अवस्था में विद्यमान है। श्रावण मास में पूरे महीने तक नियमित रूप से दूध, ऋतुपुष्पों, इत्र, विजया, सूखा मेवा, ऋतु फलों से अभिषेक और शृंगार किया जाता है। प्राचीन मंदिर का कोई ट्रस्ट तक नहीं बनाया गया है। मंदिर से नियमित जुड़े महादेव के भक्तों ने भोलेनाथ की साधना आराधना के साथ महादेव चरित्र गंगाधर को खुद में उतारा और प्रकृति पर्यावरण की समृद्धि के लिए महादेव के अभिषेक और मंदिर प्रांगण में एकत्रित वर्षा जल का सदुपयोग कर मंदिर परिसर में एक हजार से अधिक पेड़ पौधों की विशाल बगिया महकाने का अनूठा उदाहरण भी पेश किया है। मंदिर परिसर में पेड़- पौधों की विशाल शृंखला प्रकृति के बीच रहने का आभास कराती है। मंदिर से जुड़े राजेन्द्र वल्लभ व्यास ने बताया कि मंदिर में दशकों से अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित है। श्रावण मास में नियमित अभिषेक पं. सुरेन्द्र मुथा, राकेश बोड़ा, राधाकिशन, जनार्दन मत्तड आदि के संयोजन में किया ज रहा है।
Published on:
27 Jul 2020 10:59 pm
