
सहमति के बावजूद दो साल से संशोधित वेतनमान को तरस रहे जेल प्रहरी
जोधपुर. जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंदियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जेल प्रहरी दो साल से संशोधित वेतनमान की आस लगाए बैठे हैं। जेल प्रहरी लम्बे समय से पुलिसकर्मियों के समान वेतन की मांग कर रहे हैं। मैस बहिष्कार के बाद राज्य सरकार की ओर से सहमति देने के बावजूद वो अभी तक अल्प वेतन भोगी ही हैं। एेसे में एक बार फिर चार साल बाद जेलों में प्रहरी मैस के बहिष्कार पर उतरे हुए हैं।
दरअसल, जेल में बंदियों की सुरक्षा के लिए प्रहरी व मुख्य प्रहरी नियुक्त हैं। प्रहरियों को एल-३ पे मैट्रिक्स फिक्सेशन व मुख्य प्रहरियों को एल-८ को वेतनमान दिया जा रहा है। दोनों सुरक्षाकर्मियों के बीच एक पद का ही अंतर है। इसके उलट वेतनमान में काफी अंतर है। एेसे में जेल प्रहरियों की मांग है कि उन्हें पुलिसकर्मियों के बराबर वेतन दिया जाए। इसको लेकर वर्ष २०१७ में राज्य स्तर पर मैस का बहिष्कार किया गया था। तब वर्ष २०१९ राज्य सरकार ने कारागार कार्मिकों को संशोधित वेतनमान के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन जेल प्रहरियों को वही पुराना वेतनमान दिया जा रहा है। जबकि अन्य को संशोधित वेतनमान लागू कर दिया गया था।
एेसे में दो साल बाद जेल प्रहरी फिर आंदोलन पर उतरे हैं। जेल में अनिश्चितकालीन मैस के बहिष्कार की घोषणा की गई है।
जोधपुर जेल में दूसरे दिन भी मैस का बहिष्कार
आंदोलन के तहत जोधपुर सेन्ट्रल जेल के प्रहरी बुधवार को भी अनिश्चितकालीन मैस के बहिष्कार पर रहे। जेल में सुबह से मैस का बहिष्कार जारी रहा। मैस में प्रहरियों के लिए भोजन नहीं बना और न ही किसी प्रहरी ने भोजन किया। जेल प्रहरियों का कहना है कि संशोधित वेतनमान लागू करने के लिए गांधीवादी तरीके से मैस का बहिष्कार किया जा रहा है। मैस बहिष्कार के बावजूद प्रहरी जेल में ड्यूटी कर रहे हैं।
Published on:
11 Mar 2021 08:10 pm
