
जेएनवीयू: पेंशन के पैसे नहीं, मूर्तियां लगाने की तैयारी
जोधपुर. वर्ष 1990 के बाद यह पहला मौका है जब जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त कार्मिकों की पेंशन अटकी है। मई और जून की पेंशन 24 जुलाई को मिलने के बाद अब जुलाई की पेंशन अटक गई है। अगस्त खत्म होने को है लेकिन विवि अपने 1447 पेंशनर्स को पेंशन देने में नाकाम रहा है उधर विवि प्रशासन अपने परिसर में एक बार फिर से मूर्तियां लगाने की तैयारी कर रहा है। पांच सितम्बर को विवि में होने वाली सिण्डीकेट बैठक में विवि परिसर में तीन मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव है।
विवि के हिंदी विभाग ने नया परिसर स्थित भाषा प्रकोष्ठ में मुंशी प्रेमचंद की मूर्ति लगाने की इच्छा जताई है। गांधी अध्ययन केंद्र महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मौके पर विवि में गांधी जी की प्रतिमा लगाना चाहता है जबकि खुद अध्ययन केंद्र का अनुदान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने बंद कर दिया है और अब विवि के अनुदान से संचालित हो रहा है। उधर विवि के पुराना परिसर स्थित पुलिस चौकी के हैंड कांस्टेबल का 2018 में लिखा पत्र भी सिण्डीकेट बैठक में रखा जाएगा, जिसमें उन्होंने कौटिल्य कौशल एवं विकास केंद्र में विष्णुगुप्त चाणक्य की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव दिया था।
झंडे व विवेकानंद मूर्ति पर 25 लाख खर्च किए
विवि प्रशासन ने तत्कालीन कुलपति डॉ आरपी सिंह के समय भी केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज और बाहर विवेकानंद की मूर्ति लगाने पर 25 लाख रुपए खर्च किए थे। इसकी जांच भी की जा रही है।
Published on:
23 Aug 2020 05:31 pm
