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जोधपुर: उपद्रव में लापरवाही पर गाज, एसीपी व थानाधिकारी एपीओ

- सूरसागर में दो गुटों के बीच उपद्रव का मामला - पुलिस कमिश्नरेट की तथ्यात्मक रिपोर्ट पर चुनाव आयोग की अनुमति से गृहमंत्रालय का आदेश
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जोधपुर: उपद्रव में लापरवाही पर गाज, एसीपी व थानाधिकारी एपीओ

जोधपुर.

रामनवमी पर सूरसागर में दो गुटों के बीच उपद्रव के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद दो अधिकारियों पर गाज गिर गई। पुलिस कमिश्नरेट की तथ्यात्मक रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग की अनुमति के बाद गृहमंत्रालय के आदेश पर सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) कानसिंह भाटी व सूरसागर थानाधिकारी भवानीसिंह को हटा कर पदस्थानापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया है।

पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के अनुसार गत 13 अप्रेल को उत्पात के मामले में एसीपी (प्रतापनगर) कानसिंह भाटी को एपीओ किया गया है। जिसका मुख्यालय जयपुर मुख्यालय किया गया है। जबकि सूरसागर थानाधिकारी भवानी सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। उनका मुख्यालय पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) कार्यालय रहेगा। चुनाव आयोग से दोनों अधिकारी बदलने की अनुमति मिलने के बाद गृहमंत्रालय ने सहायक पुलिस आयुक्त कानसिंह भाटी को हटाने के आदेश जारी किए। जबकि थानाधिकारी भवानीसिंह को पुलिस कमिश्नर ने एपीओ किया। पुलिस उपाधीक्षक विक्रम सिंह एसीपी (प्रतापनगर) लगाए गए हैं। जबकि पुलिस निरीक्षक हरिसिंह देपावत को सूरसागर थानाधिकारी लगाया गया है।

तथ्यात्मक रिपोर्ट के बाद दोनों पर कार्रवाई
गत 13 अप्रेल की देर शाम सूरसागर में दो गुट आमने-सामने हो गए थे। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ था। मकानों को भी निशाना बनाया गया था। कई वाहन भी जला दिए गए थे। सुभाष चौक में पुराने बिजलीघर के पास मनीष गहलोत के मकान में घुसकर उत्पात मचाया गया था। जमकर तोड़-फोड़ और दो दुपहिया वाहन व बच्चों की साइकिल जला दी गई थी। उत्पात के तीन दिन पहले मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को पीटने से विवाद चल रहा था। मनीष ने अपने मकान पर लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे थे। जिसको लेकर विरोधी गुट ने धमकियां दी थी। इस बारे में पता होने के बाद भी पुलिस अनजान बनी रही थी। उत्पात के संबंध में पुलिस कमिश्नरेट से जयपुर मुख्यालय व गृहमंत्रालय भेजी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट में इस लापरवाही का उल्लेख किया गया था। तब दोनों अधिकारियों को हटाने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी गई थी।

व्यवहार से और आक्रोशित हुए थे लोग
उत्पात के बाद मोहल्लेवासियों ने सूरसागर थाने के बाहर धरना देकर विरोध जताया था। उन्होंने बदमाशों की गिरफ्तारी न होने तक धरना देने की चेतावनी दी थी। तब सहायक पुलिस आयुक्त के जवाब से लोग और गुस्सा गए थे।

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