
कृषि विश्वविद्यालय ने super food पर किया रिसर्च, अब खेतों में उगेगी मैक्सिको की ‘चिया’
अमित दवे/जोधपुर. कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान केन्द्र पर भविष्य की सुपर फूड कही जाने वाली फसलों पर रिसर्च किया जा रहा है। इनमें पिछले करीब 2 वर्षों से मैक्सिको की ‘चिया’ पर चल रहे रिसर्च में पौधे की ज्यामिति, बुवाई का सही समय ज्ञात करने में सफलता मिली है। 16वी शताब्दी में तुलसी प्रजाति के इस पौधे की साउथ मैक्सिको में पहचान की गई थी। वर्तमान में कर्नाटक में निजी कंपनियां किसानों से इसकी खेती करा रही है।
अक्टूबर-नवम्बर बुवाई का सही समय
चिया रबी की फसल है। रिसर्च के अनुसार इसकी बुवाई का सही समय अक्टूबर-नवम्बर है। खेत में बीज बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 7-8 मीटर रखी जाती है। चिया का पौधा करीब पौने दो मीटर लंबा होता है, इसकी पत्ती 4-8 सेमी लंबी, 3-5 सेमी चौडी होती है। बीज 1 एमएम आकार का होता है। बीज का रंग भूरा, सफेद, ग्रे और काला होता है। यह 100-150 दिन की फसल है।
शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में सहायक
चिया सीड्स में उच्च गुणवत्ता वाला फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने व शरीर की अंदरूनी ताकत को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर तथा ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाए जाते है। इसके अलावा, ओमेगा 6, कैल्शियम,आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम व जिंक पाए जाते हैं। चिया बीज मोटापा व कॉलेस्ट्रॉल को घटाने, ह्दयरोग तथा कैंसर से बचाव में मुख्य भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार चिया के बीजों में ओमेगा 3 ऑयल हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकालता है।
परिणाम सकारात्मक, शोध जारी
चिया की बुवाई का सही समय, पौधे की ज्यामिती का रिसर्च सफल हुआ है। अब चिया की किस्मों के विकास पर कार्य चल रहा है।
- डॉ. बीआर चौधरी,अनुसंधान निदेशक, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर
Published on:
29 May 2019 03:53 pm
