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जोधपुर एम्स की टीम ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना किया साकार

-Gorakhpur AIIMS को तय समय पर शुरू करवाया-जोधपुर एम्स पर गोरखपुर एम्स की मेंटर की जिम्मेदारी
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के. आर. मुण्डियार
जोधपुर.
गोरखपुर में किसान मोर्चे के राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तरप्रदेश का दूसरा एम्स यानि Gorakhpur AIIMS की ओपीडी को तय समय पर शुभारम्भ कर बड़ा तोहफा दे दिया। इसमे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर में एम्स चालू करवाने का सपना जोधपुर एम्स टीम ने साकार किया है। गोरखपुर एम्स को चालू करवाने में जोधपुर एम्स मेंटर की भूमिका निभा रहा है। जोधपुर एम्स की टीम पिछले कई दिनों से गोरखपुर में जुटी है और तमाम तैयारियां जोधपुर की टीम ही कर रही है।
चूंकि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केन्द्र सरकार का अहम फोकस उत्तरप्रदेश पर है। इसमें मुख्यमंत्री योगी के गृह क्षेत्र गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की लांचिंग चुनाव से पहले करना भी महत्वपूर्ण था। इसलिए गोरखपुर एम्स को शुरू करने के लिए जोधपुर एम्स को मेंटर (संरक्षक) के रूप में जिम्मा सौंपा गया। सरकार की ओर से गोरखपुर एम्स के इन्फ्राट्रक्चर डवलपमेंट, नई भर्ती सहित अन्य प्रबंधन की मॉनिटरिंग जोधपुर एम्स निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा के निर्देशन में शुरू की गई। पीएम मोदी ने किसान मोर्च के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व लोकापर्ण में गोरखपुर एम्स की ओपीडी का शुभारम्भ भी अहम रहा।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने कुछ दिन पहले ही बता दिया था कि गोरखपुर एम्स की ओपीडी का शुभारम्भ 24 फरवरी को पीएम मोदी के हाथों करवाया जाएगा। हालांकि पीएम मोदी के अधिकारिक कार्यक्रम में यह कार्यक्रम शामिल नहीं था। लेकिन जिस तरह जोधपुर एम्स की टीम गोरखपुर पहुंच कर तैयारियां कर रही थी, उससे माना जा रहा था कि गोरखपुर एम्स का तोहफा भी इस दिन जरूर मिलेगा। पत्रिका ने खबर में जो उम्मीद जताई थी, उसको पीएम ने पूरा कर दिया।


जोधपुर एम्स डॉक्टर्स टीम तैनात-
गोरखपुर एम्स में ओपीडी संचालन के लिए जोधपुर एम्स से सभी विभागों के एक-एक विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं सीनियर रेजीडेंट्स की रोटेशन के आधार पर एक-एक सप्ताह के लिए ड्यूटी गोरखपुर एम्स में पहले ही सुनिश्चित कर दी गई थी। जोधपुर एम्स के उपनिदेशक एन. आर. विश्नोई खुद गोरखपुर पहुंच चुके थे और एम्स निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा के निर्देशन व उपनिदेशक विश्नोई के नेतृत्व में जोधपुर एम्स में डॉक्टर्स ने गोरखपुर एम्स का जिम्मा संभाल लिया और मुख्यमंत्री योगी के गृह क्षेत्र के लोगों को एम्स का तोहफा मिल गया।


पंजीकरण व ओपीडी की नियमित सेवाएं शुरू-
जोधपुर एम्स व गोरखपुर एम्स के उपनिदेशक एन. आर. विश्नोई के अनुसार एम्स गोरखपुर के आयुष ब्लॉक में नियत समय पर ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। जोधपुर एम्स की तरह मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह से ओपीडी की सेवाएं नियमित कर दी गई है। गौरतलब है कि ओपीडी के उद्घाटन समारोह में एम्स गोरखपुर के उपनिदेशक एन. आर. विश्नोई के अलावा जोधपुर एम्स के डिप्टी अधीक्षक महावीर रोधा, एम्स जोधपुर के एकेडमिक इंचार्ज डॉ. अभिषेक भारद्वाज आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश में गोरखपुर एम्स दूसरा होगा। पीएम मोदी ने 16 दिसम्बर 2018 को रायबरेली एम्स की ओपीडी का शुभारम्भ किया था। केन्द्र सरकार की ओर से 14 नए एम्स शुरू करने की घोषणा की जा चुकी है, जिनमें से 12 एम्स शुरू करने के लिए केबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।


जोधपुर को इसलिए दी जिम्मेदारी-
जोधपुर में एम्स की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। तब से एम्स में निदेशक की जिम्मेदारी डॉ. संजीव मिश्रा संभाल रहे हैं। इनकी देखरेख में जोधपुर एम्स ने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले एम्स निदेशक डॉ. मिश्रा का कार्यकाल पांच साल के लिए बढ़ाया था।

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