
जोधपुर. वायुसेना स्टेशन पर रूटीन फ्लाइट के बाद गत गुरुवार रात 11.15 बजे नीचे उतर रहे लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआइ से एक बगुला टकरा गया। बगुला इंजन में फंस गया। इससे सुखोई का बायां इंजन हाथों हाथ बंद हो गया। गनीमत रही कि सुखोई में दो इंजन होने के कारण पायलट दाएं इंजन से सुरक्षित नीचे उतरा। वायुसेना के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पायलट व विमान की जांच करते-करते रात के 3.30 बज गए। अब जांच के बाद पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त सुखोई की ब्लेड्स के साथ इंजन का मुख्य हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इंजीनियर्स ने इंजन बदलने की सिफारिश की है, जिसका खर्चा करीब 45 करोड़ रुपए आएगा।
वायुसेना के मुताबिक रात को रन-वे पर उतरने के दौरान विमान की आवाज से घबराकर नाले के पास बैठा बगुला उड़ा और इंजन में फस गया। विमान की गति 200 किलोमीटर प्रति घण्टा थी। बगुला घुसने और इंजन बंद होने से विमान तेजी से घूम गया और नीचे आने लगा। पायलट ने विमान को तुरंत दूसरे इंजन पर लिया और संभाला। कुछ सैके ण्ड में ही सुरक्षित लैंडिंग हो गई। अब यह सुखोई फिलहाल ग्राउण्डेड हो गया है। जिसे दुरुस्त होकर आने में छह से आठ महीने लगेंगे।