
शहर के बीच स्थित दशकों पुरानी जोधपुर सेंट्रल जेल में बढ़ती बंदियों की संख्या व सुरक्षा के लिहाज से चुनौतियां बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए जेल प्रशासन ने नई जेल के लिए जिला प्रशासन को गंभीरता से गौर करने को कहा है। नई जेल शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए ३०० बीघा जमीन उपलब्ध करवाने की मांग जिला प्रशासन से की गई। अगर जमीन मिल जाती है तो अगले पचास सालों तक कोई परेशानी या समस्या नहीं आएगी।
१५०० बंदियों की क्षमता, सुरक्षा मुश्किल
वर्तमान जोधपुर सेंट्रल जेल शहर के बीचोंबीच है। यहां बंदियों की क्षमता १५०० की है। इतने ही बंदी फिलहाल यहां बंद भी है। आए दिन यहां बंदियों की क्षमता बढऩे का दबाव रहता है। शहर के बीच में आने के कारण जेल के बाहर से किसी भी अवांछनीय वस्तु का जेल में फेंकना सहित सुरक्षा सम्बंधी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बीच जेल होने के कारण फिलहाल यहां २जी जैमर ही चल रहे हैं। गत दिनों जेल प्रशासन व जिला प्रशासन के बीच बातचीत हुई, जिसमें नई जेल का मुद्दा उठा। इसमें जेल प्रशासन की ओर से कहा गया कि हालात को देखते हुए नई जेल की आवश्यकता है। कहा गया है कि जेल लिए ३०० बीघा जमीन चाहिए। यह जमीन शहर के बाहर दी जाए। जिला प्रशासन ने इसके लिए सरकार के स्तर पर चर्चा करने की बात भी कही है।
ये हैं चुनौतियां
- बढ़ती बंदियों की क्षमता, छोटी पड़ती जेल
- शहर के बीच होने के कारण जेल में बाहरी पैकेट फेंकने की घटनाएं
- जैमर का पूरी तरह काम नहीं करना
- सुविधाओं का अभाव
३०० बीघा जमीन मांगी
पुरानी जेल व बंदियों की बढ़ती क्षमता को देखते हुए नई जेल जरूरी है। नई जेल की संभावनाओं के लिए ३०० बीघा जमीन मांगी गई है। जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाया गया है। शहर से बाहर यह जमीन मिले, अब सरकार को इस बारे में कदम उठाना है।
- विक्रम सिंह, डीआईजी, जोधपुर सेंट्रल जेल
Published on:
05 Nov 2017 07:19 pm
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