
Sadhvi Prem Baisa Death Case (Patrika Photo)
Sadhvi Prem Baisa Death Case: जोधपुर जिले में बोरानाडा थाना अंतर्गत पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में दस दिन पहले साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत अभी तक अनसुलझी बनी हुई है। उधर, आश्रम से जुड़े एक व्यक्ति ने स्वीकारा कि मौत के तीन-चार घंटे बाद साध्वी के पिता ने उससे इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट अपलोड करवाई थी।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। आश्रम और साध्वी से जुड़े भोमाराम के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उसी ने गत 28 जनवरी की रात साढ़े नौ बजे साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट अपलोड की थी।
दुकान संचालक भोमाराम ने बताया कि वह गत 28 जनवरी को दिल्ली जाने की तैयारी में था। बिरमनाथ ने शाम 6.52 बजे साध्वी की तबीयत खराब होने की सूचना दी थी। इस पर शाम 7.21 बजे वह पाल रोड पर प्रेक्षा अस्पताल पहुंचा था, जहां साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु हो चुकी थी।
साध्वी के शव को लेकर पिता बिरमनाथ रात साढ़े आठ बजे अस्पताल से निकले थे। भोमाराम भी साथ था। बीच रास्ते में पिता ने हनुमान बेनीवाल व कैलाश से बात कर पूरी बात बताई थी।
इस बीच, आरती नगर के मोड़ पर वो रुक गए और दूसरे संतों का इंतजार करने लगे। रात साढ़े नौ बजे साध्वी के पिता के कहने पर उसने एक मैसेज लिखा। जो साध्वी के मोबाइल से उनकी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया था।
भोमाराम का कहना है कि साध्वी के पिता के बताए अनुसार ही उसने पोस्ट लिखी थी। पोस्ट में लिखा था कि साध्वी 25 वर्ष तक ब्रह्मचारी रही। लोगों ने उसकी झूठी बदनामी की थी। इन आरोपों से न्याय चाहती थी। इसीलिए पिता ने उससे पोस्ट लिखवाकर अपलोड कराई थी।
पोस्ट में लिखा गया था कि उन्होंने हर क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। देश के कई संतों को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया था। संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है। मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।
Updated on:
08 Feb 2026 08:56 am
Published on:
08 Feb 2026 08:55 am
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