जिले में करीब दस लाख परिवारों के जनाधार कार्ड बन चुके हैं। करीब एक लाख बाकी है। एक कार्ड में औसतन चार परिवार के सदस्य पंजीकृत है।
जोधपुर। हम जोधपुरी एक दशक में करीब 7 लाख से ज्यादा बढ़ गए हैं। हालांकि अभी 2021 की प्रस्तावित जनगणना शुरू नहीं हुई। लेकिन जनाधार कार्ड के आंकड़े जिले की जनसंख्या की नई गणित दिखा रहे हैं। इसके अनुसार 2011 की जनसंख्या 36 लाख 87 हजार से बढ़कर 2022 तक करीब 44 लाख के पार हो गई है। यानी की करीब 20 फीसदी बढोतरी हुई है। जिले में करीब दस लाख परिवारों के जनाधार कार्ड बन चुके हैं। करीब एक लाख बाकी है। एक कार्ड में औसतन चार परिवार के सदस्य पंजीकृत है। ऐसे में जिले में कुल पंजीकृत सदस्यों की संख्या 39 लाख 93 हजार 922 है। चार से साढे चार लाख लोगों का पंजीयन बाकी है।
दस लाख जनाधार में तीन लाख शहरी क्षेत्र के हैं। एक लाख और बनेंगे। इनमें भी 80 फीसदी शहरी क्षेत्र के बनेंगे। ऐसे में करीब चार लाख जनाधार शहरी होंगे। यानि, जिले की शहरी जनसंख्या 15 से 16 लाख होगी। ग्रामीण क्षेत्र में 7 लाख से ज्यादा जनाधार कार्ड बन चुके हैं। इनमें 28 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हो चुके हैं। जिला सांख्यिक अधिकारी मोहनराम पंवार का कहना है कि जिले में 90 फीसदी से ज्यादा परिवारों के जनाधार बन चुके हैं। जिनमें 40 लाख सदस्य शामिल है। दस फीसदी परिवार जोडने का काम चल रहा है।
वहीं दूसरी तरफ दो से अधिक संतान होने के कारण पदावनत तथा वेतनवृद्धि से वंचित राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। इसके लिए विभागवार ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्मिक विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी विभागों से इस संबंध में डाटा मांगा है। दो से अधिक संतान होने पर दंडात्मक प्रावधानों के चलते कई कर्मचारियों को पदोन्नति व वेतनवृदिध से वंचित किया गया। अब ऐसे कर्मचारियों को राहत देकर छीने गए परिलाभ बहाल करने की तैयारी है। इसके लिए रिव्यू डीपीसी करवाई जाएगी।