
डिस्कॉम के नव नियुक्ति एमडी से बातचीत
जोधपुर . जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नए प्रबंध निदेशक एस.एस यादव ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। नियुक्ति के साथ ही विवाद के बीच डिस्कॉम को प्रगति के पथ पर ले जाने में उन्हे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पत्रिका ने इन तमाम मुद्दों पर यादव से बात की। उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी।
सवाल - डिस्कॉम कंपनियां घाटे में है, जोधपुर डिस्कॉम भी उनमें से एक है। एेसे में इसको पटरी पर लाने के लिए क्या लक्ष्य तय किए हैं?
जवाब - विद्युत चोरी और छिजत ही एेसे पैरामीटर है जिससे विद्युत कंपनी का आकलन किया जा जाता है। विद्युत चोरों को पकडऩे से बेहतर है कि हम चोरी होने ही न दें। उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर सुविधाएं दें। तकनीकी नुकसान को कम करने के लिए हम सिस्टम बेहतर करेंगे। मेरा प्रयास है कि हमारा वेब पेज सिम्पल हो जिससे कि ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ता को कोई परेशानी नहीं होगी। हमारी शिकायत निवारण टीम को भी अपडेट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सवाल - उत्तराखंड और हरियाणा में भी विद्युत कंपनियों से जुड़े थे, वहां की कार्यप्रणाली यहां कैसे काम आएगी?
जवाब - उत्तराखंड की कंपनी २७ के नम्बर पर थी, जिसे हम तीन साल में चौथे स्थान पर ले आए। जब मैंने ज्वाइन किया तो हमारी कंपनी का ग्रेड ‘सी’ था और हमने उसे ‘ए प्लस’ तक पहुंचाया।
सवाल - राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां अलग है। वहां पहाड़ थे यहां खुले मैदान और रेगिस्तान है, कैसे समन्वयक करेंगे?
जवाब - मेरा जन्म राजस्थान का ही है। अलवर जिले में पैदा हुआ और पांचवी तक यहीं पढ़ा। यहां भी भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से पूरी तरह से वाकिफ हूं। भाषा में सरलता और सम्मान यहां है, एेसे में कोई परेशानी नहीं आएगी।
सवाल - आपकी नियुक्ति के साथ ही विवाद और विरोध भी देखने को मिला। कई एसोसिएशन भी विरोध में आ गई। एेसे में काम कैसे करेंगे?
जवाब - थोड़े दिन में उन लोगों को खुद को ही लगने लगेगा कि उन्होंने गलत धारणा बना ली थी। हर जगह एेसे चंद लोग होते हैं जो काम नहीं करना चाहते। ८-१० दिन में ही उन लोगों को लगने लगेगा और ५-६ माह में ही कंपनी प्रगति करेगी तो लोगों की मानसिकताएं बदल जाएगी।
Published on:
26 May 2018 09:31 pm
