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उदयपुर के आसमान में मंडराए जोधपुर के लड़ाकू विमान

- गर्जना सुन आसमान पर टिकी लोगों की नजरें- डबोक एयरपोर्ट से कर रहे अभ्यास
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Jodhpur fighter aircrafts flying in sky of Udaipur

उदयपुर के आसमान में मंडराए जोधपुर के लड़ाकू विमान

जोधपुर. उदयपुर .

झीलों की नगरी के आसमान में शनिवार को जोधपुर एयरबेस के लड़ाकू विमान सुखोई एवं मिग-27 मंडराते देखे गए। गगनभेदी गर्जना करते विमानों को लेकर लोगों में कौतूहल बना रहा। एयरफोर्स उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट से अभ्यास कर रहा है ताकि आपात परिस्थिति में डबोक एयरपोर्ट का उपयोग लड़ाकू विमान के एयरबेस के तौर पर किया जा सके।

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक से ही पश्चिमी सरहद पर तनाव कायम है। पाकिस्तान की ओर से बार-बार सीज फायर का उल्लंघन किया जा रहा है। सीमा पर ड्रोन व यूएवी भेजे जा रहे हैं। जिसे हमारी सेना सतर्कता के साथ निशाना बना जमींदोज कर रही है। ऐसे हालात में वायुसेना पूरी तरह से मुस्तैद है।

उदयपुर के आसमान में शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे के करीब मिग-27 विमान उड़ता नजर आया। शहर का जायजा लेकर विमान वापस डबोक एयरपोर्ट पर उतर गया। विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था जिससे एयरपोर्ट के आसपास के गांवों के लोग उसकी तेज गर्जना सुन बाहर निकल आए। वे मिग-27 विमान देखकर अचंभित रह गए। कुछ ही पलों में विमान उनकी आंखों से ओझल हो गया।

सूत्रों के अनुसार जोधपुर से एयरफोर्स के मिग-27 एवं सुखोई विमान उदयपुर गए हैं। इनके तीन-चार दिन तक यहीं रहकर अभ्यास करने का कार्यक्रम है। उड़ान के वक्त पूरा कंट्रोल एयर फोर्स के हाथ में रखा जा रहा है।

जोधपुर के बाद महत्वपूर्ण है डबोक एयरपोर्ट-

पश्चिमी सरहद पर वायुसेना के लिए जोधपुर एयर बेस काफी महत्व रखता है। इसी तरह उदयपुर का डबोक एयरपोर्ट भी युद्ध जैसे हालात में सेना के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। जानकारों के अनुसार वर्ष 1971 के युद्ध में भी डबोक एयरपोर्ट का उपयोग वायुसेना ने किया था। हालिया तनावपूर्ण हालात में वायुसेना के लड़ाकू विमान जोधपुर से उदयपुर आकर अभ्यास में जुटे हैं।

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