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जोधपुर में जहां थी कोरोना से खतरे की आशंका, वहां से नहीं आया एक भी संक्रमित

कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के बाद पुलिस को जहां व्यवस्थाएं बनाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी, वहीं शहर की कई कॉलोनियां ऐसी थी जहां सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा था। इसी में से एक कॉलोनी बासनी द्वितीय फेज स्थित श्रमिक कॉलोनी भी थी।
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jodhpur police is making people aware of coronavirus

जोधपुर में जहां थी कोरोना से खतरे की आशंका, वहां से नहीं आया एक भी संक्रमित

जोधपुर. कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के बाद पुलिस को जहां व्यवस्थाएं बनाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी, वहीं शहर की कई कॉलोनियां ऐसी थी जहां सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा था। इसी में से एक कॉलोनी बासनी द्वितीय फेज स्थित श्रमिक कॉलोनी भी थी। यहां औद्योगिक इकाइयों में कार्य करने वाले श्रमिकों, मजदूरों की संख्या 20 हजार से पार थी।

ऐसे में यहां कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकना व लॉकडाउन की पालना करवाने की कड़ी चुनौती थी। जिसे पुलिस ने बखूबी पूरा किया। पुलिस मित्रों की सहायता से यहां पर लोगों को घर-घर जाकर लॉकडाउन का महत्व समझाया गया। लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इसी का नतीजा था कि एक भी कोरोना पॉजिटिव इस कॉलोनी से नहीं आया।

श्रमिकों के लिए की व्यवस्था
बीट कांस्टेबल हरीराम ने बताया कि लॉकडाउन में परिवहन के साधन सुचारू नहीं होने से श्रमिकों को पलायन से रोकना व लॉकडाउन का पालन करवाना बड़ी चुनौती था। इसके लिए पुलिस मित्र अशोकसिंह कुड़ी, श्रवणसिंह, बख्तावरसिंह, भीमसिंह आदि के साथ मिलकर श्रमिकों के लिए भामाशाहों के सहयोग से राशन पानी की व्यवस्था करवाई। ट्रेन शुरू होने पर प्रवासियों की लिस्ट बनाकर उन्हें अपने राज्य वापस भिजवाया गया। इसमें प्रशासन का पूरा सहयोग किया। श्रमिकों को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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