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यदि आप भी अपने घुटनों के दर्द को कर रहे हैं दरकिनार तो पहले पढ़ लें यह खबर, शोध से मिली जरूरी जानकारी

डॉ. माथुर ने यह शोध एमडीएम अस्पताल वृद्धजन केन्द्र के नोडल अधिकारी व सीनियर फिजिशियन डॉ. अरविंद जैन व सीनियर फिजिशियन डॉ. हरीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पूरी की। इसको एमडीआरयू प्रभारी डॉ. अनुरागसिंह, डॉ. रिंपलजीत कौर, डॉ. मनीष पारख और सर्जन डॉ. राजेश टेवानी के समक्ष पेश किया गया।
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jodhpur's doctor research on knee replacement operation

यदि आप भी अपने घुटनों के दर्द को कर रहे हैं दरकिनार तो पहले पढ़ लें यह खबर, शोध से मिली जरूरी जानकारी

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. भागती-दौड़ती जिंदगी। एक के बाद एक काम। निजी-सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कर्मचारियों से लेकर घर की गृहिणियां तक फास्ट लाइफ जीने को मजबूर हैं। महिलाओं को सुबह उठते बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता और घर का खाना बनाने की टेंशन। दूसरी ओर वर्र्किंग वुमन पर दोहरी जिम्मेदारी की मार। क्योंकि उन्हें गृहिणी का कार्य देखने के साथ ऑफिस व सर्विस लाइफ जिंदगी भी जीना है। इन सभी बातों के पीछे शरीर व घुटने की अनदेखी आगे जाकर घुटना प्रत्यारोपण करवा रही है।

इस बात का खुलासा (मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट) एमडीआरयू में पेश की गई रिपोर्ट में हुआ है। इस पर शोध श्री शिवराम नत्थुजी टाक राजकीय मंडोर सैटेलाइट अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. निखिल माथुर ने किया। डॉ. माथुर ने शोध ‘ए स्टडी टू कम्पेयर द क्लिनिको-एपिडेमियोलॉजिक प्रोफाइल ऑफ नी ऑफ मिडल ऐजड वीथ एल्डरी पर्सन इन जोधपुर सिटी’ विषय पर किया।

डॉ. माथुर ने यह शोध एमडीएम अस्पताल वृद्धजन केन्द्र के नोडल अधिकारी व सीनियर फिजिशियन डॉ. अरविंद जैन व सीनियर फिजिशियन डॉ. हरीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पूरी की। इसको एमडीआरयू प्रभारी डॉ. अनुरागसिंह, डॉ. रिंपलजीत कौर, डॉ. मनीष पारख और सर्जन डॉ. राजेश टेवानी के समक्ष पेश किया गया। इस गहनता भरे अध्ययन को बाद में रिसर्च पूरी होने की अनुमति मिली। इसमें घुटने के ऑस्टियो अर्थराइटिस से परेशान 57.66 महिलाएं और 42.34 फीसदी पुरुष के सैंपल इकट्टा किए गए। उन पर करीब एक साल तक रिसर्च की गई।

411 सैंपल इकट़्टे किए
डॉ. माथुर ने 411 मध्य आयु व वृद्धजनों के सैंपल लेकर रिसर्च की। उनकी रिसर्च में सामने आया कि जिन्होंने शुरुआत में ही दर्द को दरकिनार किए हुए रखा था, उन्हीं लोगों के घुटने बदलने की नौबत बाद में आई है। इन लोगों के घुटने के डिजीटल एक्सरे, केलग्रेन लॉरेंस स्केल, ब्ल्ड कैल्शियम बोन, ब्लड कैल्शियम, बोन कैल्शियम-डेफिसियंसी, विटामिन डी-3 डिफिसियंशी को जांचा गया। जो कि बेहद खराब आई।

घुटना रिप्लेसमेंट से बचने के लिए ये करें उपचार
डॉ. माथुर ने बताया कि अनियमित खान-पान व जंक फूड खाने से बचें। समय पर भोजन करने की आदत डाले। नियमित शारीरिक व्यायाम करें। धूप का सेवन करे और फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाएं। दर्द को नेग्लेट न करें। डॉक्टर्स व फिजियोथैरेपिस्ट का समय-समय पर सहारा लें।

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